इंदौर बायपास पर गहरी खुदाई बनी जानलेवा खतरा होटल द पार्क के पास हटाई गई बैरिकेटिंग

इंदौर बायपास

इंदौर बायपास पर होटल द पार्क के पास ब्रिज निर्माण के लिए की गई गहरी खुदाई वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन गई है। यहां पहले लगाई गई बैरिकेटिंग हटा दी गई है। रात के समय अंधेरे में वाहन चालक बिना किसी चेतावनी के सीधे गड्ढे के मुहाने तक पहुंच रहे हैं। स्थिति बेहद चिंताजनक है और किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।

बायपास पर इन दिनों दो अलग स्थानों पर ब्रिज निर्माण का काम चल रहा है। पुराने रास्ते बंद किए गए हैं और ट्रैफिक को दूसरे मार्गों पर मोड़ा गया है। होटल द पार्क के पास बायपास को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग भी बंद है। इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं दिख रहे हैं।

ब्रिज निर्माण के कारण बढ़ा हादसे का खतरा

होटल के आसपास बड़े स्तर पर खुदाई की गई है। पहले यहां बैरिकेटिंग लगाई गई थी ताकि वाहन चालक खुदाई वाले हिस्से में न जा सकें। अब बैरिकेटिंग हटने से वाहन तेज रफ्तार में सीधे खतरे के पास पहुंच रहे हैं।

रात के समय हालात और ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं। तेज गति से आ रहे वाहन चालक खुदाई को समय पर पहचान नहीं पाते। अचानक ब्रेक लगाने से पीछे से आने वाले वाहनों के टकराने का भी खतरा रहता है।

यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सीधे बायपास को रिंग रोड से जोड़ता है। यहां दिन और रात दोनों समय भारी ट्रैफिक रहता है। खुदाई इतनी गहरी है कि एक छोटी सी चूक बड़ी जनहानि का कारण बन सकती है।

पैदल आवाजाही से बढ़ रहा भ्रम

गड्ढे के किनारे एक छोटा अस्थायी रास्ता बनाया गया है। इसका उपयोग पैदल चलने वाले लोग कर रहे हैं। रात में जब वाहन चालक दूर से लोगों को चलते हुए देखते हैं तो उन्हें लगता है कि रास्ता वाहनों के लिए भी खुला है।

इसी भ्रम में चालक गति कम नहीं करते और सीधे खतरे के पास पहुंच जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां कोई सुरक्षाकर्मी भी तैनात नहीं है जो समय रहते लोगों को रोक सके।

प्रशासन की हादसों की जांच समिति के सदस्य अतुल सेठ ने इस स्थिति पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान रात में खतरा और बढ़ जाता है। उन्होंने रिफ्लेक्टिव संकेत और मजबूत बैरिकेटिंग की जरूरत बताई है। पहले भी सुझाव दिए गए हैं लेकिन जमीन पर पालन नजर नहीं आता।

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