Indore Metro Big Update: इंदौर और भोपाल मेट्रो से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। तुर्की की कंपनी का ठेका निरस्त होने के बाद अब इंदौर भोपाल मेट्रो में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन की जिम्मेदारी Delhi Metro Rail Corporation को सौंप दी गई है। यह फैसला हालिया परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है और इससे मेट्रो परियोजना में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
पहले यह जिम्मेदारी तुर्की की कंपनी असीस गार्ड को दी गई थी। भारत पाकिस्तान के बीच तनाव और पाकिस्तान द्वारा तुर्की ड्रोन के इस्तेमाल के बाद इस ठेके को निरस्त कर दिया गया। फिलहाल मेट्रो में यात्रियों को टिकट स्थानीय स्तर पर मैनुअल और कंप्यूटर आधारित प्रणाली से जारी किए जा रहे थे।
ग्यारह दिन बंद रहेगा यात्री संचालन
एलिवेटेड कॉरिडोर पर बचे हुए तकनीकी कार्य और टेस्टिंग को पूरा करने के लिए मेगा ब्लॉक लिया गया है। इसके चलते पंद्रह जनवरी से पच्चीस जनवरी तक गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर के बीच छह किलोमीटर के हिस्से में मेट्रो का यात्री संचालन पूरी तरह बंद रहेगा।
इस समय इसी हिस्से में सीमित यात्री संचालन किया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि यह काम पूरा होने के बाद संचालन को और बेहतर तरीके से शुरू किया जा सकेगा।
सत्रह किलोमीटर कॉरिडोर पर तेज काम
अधिकारियों के अनुसार पूरे सत्रह किलोमीटर के एलिवेटेड कॉरिडोर को फरवरी मार्च तक व्यावसायिक संचालन के लिए तैयार किया जाना है। गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक सोलह स्टेशनों पर सिग्नलिंग टेलीकम्युनिकेशन और अन्य तकनीकी कार्य पूरे किए जाएंगे।
इसके बाद परीक्षण और कमिशनिंग की प्रक्रिया होगी। वहीं Madhya Pradesh Metro Rail Corporation अभी तक इंदौर के अंडरग्राउंड रूट को लेकर अंतिम निर्णय नहीं ले सकी है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार खजराना चौराहे से मेट्रो को अंडरग्राउंड किया जाना है लेकिन इसके लिए कई प्रक्रियाएं बाकी हैं।
अंडरग्राउंड रूट पर फैसला लंबित रहने के बीच एलिवेटेड कॉरिडोर पर काम तेज किया जा रहा है। एयरपोर्ट और रीगल चौराहा जैसे इलाकों में स्टेशनों के लिए खुदाई का काम जारी है ताकि इंदौर को जल्द मेट्रो की सुविधा मिल सके।

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