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  • मार्च में करें इस खास सब्जी की खेती, कम खर्च में होगी जबरदस्त कमाई, बाजार में सालभर बनी रहती है भारी डिमांड

    नमस्कार दोस्तों, अगर आप किसान हैं या खेती में दिलचस्पी रखते हैं, तो आज हम आपको एक ऐसी सब्जी के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी खेती इस समय बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकती है। ये सब्जी ना सिर्फ बाजार में सालभर बिकती है, बल्कि इसकी डिमांड भी हमेशा बनी रहती है। खास बात ये है कि इसकी खेती में ज्यादा खर्च भी नहीं आता और कुछ ही दिनों में आपकी फसल तैयार हो जाती है। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये कौन सी सब्जी है?

    हम बात कर रहे हैं शिमला मिर्च की, खासतौर पर सिंजेंटा इंद्रा किस्म की खेती के बारे में, जो किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह एक हाइब्रिड किस्म है, जो गर्मी और ठंड दोनों ही मौसम में अच्छी पैदावार देती है। अगर आप खेती से अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो इस बार शिमला मिर्च की इस खास किस्म की खेती जरूर करें। आइए जानते हैं कि इसकी खेती कैसे करें और इससे आपको कितना फायदा हो सकता है।

    क्यों करें शिमला मिर्च की सिंजेंटा इंद्रा किस्म की खेती

    शिमला मिर्च की सिंजेंटा इंद्रा किस्म किसानों के लिए इसलिए फायदेमंद है क्योंकि इसकी बाजार में लगातार डिमांड बनी रहती है। होटल, रेस्तरां और घरों में इसका बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही, यह किस्म कीटों और बीमारियों के प्रति भी अधिक सहनशील होती है, जिससे आपको कम नुकसान होता है और पैदावार बढ़ती है।

    इस किस्म की एक और खासियत यह है कि इसकी खेती में बहुत ज्यादा खर्च नहीं आता और कम समय में ही फसल तैयार हो जाती है। मतलब, आप कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं।

    कैसे करें इसकी खेती

    अगर आप सिंजेंटा इंद्रा शिमला मिर्च की खेती करना चाहते हैं, तो सबसे पहले उत्तम जल निकासी वाली मिट्टी और सही जलवायु का चयन करें। यह फसल हल्की दोमट और बलुई दोमट मिट्टी में बेहतरीन परिणाम देती है।

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    मार्च का महीना इसकी बुवाई के लिए एकदम सही समय है। इसके लिए पहले बीजों को नर्सरी में तैयार करें और जब पौधे मजबूत हो जाएं, तो उन्हें खेत में रोपित करें। सिंचाई और खाद का सही प्रबंधन करने से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों ही बढ़ जाते हैं।

    कितनी होगी कमाई

    सब्जी की खेती

    अब बात करते हैं सबसे जरूरी सवाल की – कमाई कितनी होगी? दोस्तों, अगर आप 1 एकड़ में शिमला मिर्च की खेती करते हैं, तो सामान्यतः आपको 100 से 150 क्विंटल तक उत्पादन मिल सकता है। बाजार में इसकी कीमत 40 से 80 रुपये प्रति किलो तक होती है, जो समय और मांग पर निर्भर करती है। इस तरह, सिर्फ एक एकड़ में इसकी खेती से आप 4 से 8 लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं।

    अगर आप खेती को थोड़ा वैज्ञानिक तरीके से करते हैं, ड्रिप इरिगेशन अपनाते हैं, उन्नत किस्म के बीज और जैविक खाद का इस्तेमाल करते हैं, तो आपकी पैदावार और मुनाफा दोनों बढ़ सकते हैं।

    निष्कर्ष

    शिमला मिर्च की सिंजेंटा इंद्रा किस्म किसानों के लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। इसकी खेती से कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है। बाजार में इसकी सालभर मांग बनी रहती है और यह कई मौसमों में भी अच्छी उपज देती है। अगर आप खेती से ज्यादा कमाई करना चाहते हैं, तो इस बार इसे जरूर आजमाएं।

    डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न कृषि विशेषज्ञों और बाजार के मौजूदा ट्रेंड्स पर आधारित है। खेती में लाभ कई कारकों पर निर्भर करता है, जिसमें जलवायु, मिट्टी की गुणवत्ता, बाजार मूल्य आदि शामिल हैं। किसी भी प्रकार की खेती शुरू करने से पहले कृपया कृषि विशेषज्ञों या संबंधित अधिकारियों से सलाह लें।

  • 60 दिन में लाखों की कमाई, गरमा मूंग की खेती से पाएं जबरदस्त मुनाफा

    नमस्कार किसान भाइयों, क्या आप जानते हैं कि केवल 60 दिनों में आप लाखों की कमाई कर सकते हैं? अगर आप सही फसल चुनें और सही तकनीक अपनाएं तो खेती से भी शानदार मुनाफा कमाया जा सकता है। गर्मी का मौसम शुरू हो गया है और ऐसे में किसानों के पास गरमा मूंग की खेती का शानदार अवसर है। इस फसल की मांग बाजार में हमेशा बनी रहती है और खासकर गर्मियों में इसकी बिक्री बढ़ जाती है। यही वजह है कि किसान इस फसल की खेती कर अच्छी कमाई कर सकते हैं।

    क्यों करें गरमा मूंग की खेती

    गरमा मूंग दलहनी फसल है, जिसकी खेती करने से कम समय में अधिक मुनाफा होता है। इसके अलावा, यह मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ाती है, जिससे अगली फसल की पैदावार में भी सुधार होता है। मूंग की खेती के लिए कम पानी की जरूरत होती है, जिससे यह उन इलाकों में भी आसानी से उगाई जा सकती है जहां जल संकट बना रहता है। पलामू के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र चियांकी के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार, गरमा मूंग की खेती किसानों के लिए एक फायदे का सौदा है।

    बुवाई का सही समय और तरीका

    अगर आप भी इस फसल से लाभ कमाना चाहते हैं तो मार्च से अप्रैल के बीच इसकी बुवाई कर सकते हैं। सबसे अच्छा समय 15 मार्च से 10 अप्रैल तक माना जाता है। बुवाई से पहले खेत की दो बार जुताई ट्रैक्टर और कल्टीवेटर से कर लें और उसके बाद एक बार रोटावेटर चलाकर मिट्टी को भुरभुरी बना लें।

    इसके बाद 10 किलो बीज प्रति एकड़ की दर से बुवाई करें और बीज उपचार जरूर करें ताकि बीज जनित रोगों से फसल को बचाया जा सके। बीज उपचार के लिए यूपीएल कंपनी की शाल दवा का उपयोग करें। 10 किलो बीज के लिए 200 ग्राम शाल दवा को पानी में मिलाकर बीज पर अच्छे से लेप चढ़ा दें। इसके अलावा करबेंडा जिम दवा का उपयोग भी किया जा सकता है, जिसे दो ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर बीज उपचार किया जाता है।

    फसल की देखभाल और सिंचाई

    गरमा मूंग

    मूंग की फसल ज्यादा पानी की मांग नहीं करती, लेकिन खेत में हल्की नमी बनी रहनी चाहिए। इसलिए बुवाई के बाद दो से तीन बार हल्की सिंचाई करना आवश्यक है। यह ध्यान दें कि खेत में जलभराव न हो, क्योंकि अधिक पानी से पौधों को नुकसान पहुंच सकता है।

    60 दिन में तीन बार कटाई और शानदार उत्पादन

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    मूंग की फसल केवल 60 दिनों में पककर तैयार हो जाती है और किसान इस दौरान तीन बार कटाई कर सकते हैं। एक एकड़ खेत में लगभग 10 किलो बीज लगाया जाता है, जिससे करीब 4 क्विंटल मूंग का उत्पादन हो सकता है। यह मूंग बाजार में दाल और बीज के रूप में बेची जाती है, जिससे किसानों को अच्छी कीमत मिलती है।

    मिट्टी की उर्वरता भी होगी बेहतर

    मूंग की खेती से न केवल किसान अच्छा पैसा कमा सकते हैं, बल्कि इससे मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है। इसकी जड़ों में नाइट्रोजन फिक्सेशन की प्रक्रिया होती है, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है। कटाई के बाद खेत की जुताई कर देने से यह जैविक खाद के रूप में भी काम करता है, जिससे अगली फसल की पैदावार में इजाफा होता है।

    निष्कर्ष

    गरमा मूंग की खेती एक बेहतरीन विकल्प है, जिससे किसान कम समय में अच्छी कमाई कर सकते हैं। इसकी मांग हमेशा बनी रहती है और बाजार में अच्छे दाम भी मिलते हैं। अगर आप इस बार गर्मी में कोई लाभदायक खेती करना चाहते हैं तो गरमा मूंग आपकी पहली पसंद होनी चाहिए।

    डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। खेती से जुड़े किसी भी निर्णय को लेने से पहले कृपया कृषि विशेषज्ञों या स्थानीय कृषि विभाग से परामर्श अवश्य करें।

  • MP के पशुपालकों के लिए खुशखबरी: दूध उत्पादकों को मिलेगा 5 रुपये प्रति लीटर बोनस

    तो कैसे हो किसान साथियों आज हम आपके लिए एक शानदार खबर लेकर आए हैं जो पशुपालन करने वाले किसान भाइयों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है अब सरकार दूध उत्पादकों को 5 रुपये प्रति लीटर बोनस देने जा रही है यानी गाय का पालन अब सिर्फ आस्था ही नहीं बल्कि आमदनी बढ़ाने का भी शानदार जरिया बन जाएगा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस बड़े फैसले की घोषणा की है जिससे गौ-पालकों की चांदी ही चांदी होने वाली है

    MP सरकार का बड़ा फैसला

    किसान भाइयों अगर आप गाय पालन करते हैं तो अब आपको सरकार की ओर से जबरदस्त फायदा मिलने वाला है सरकार ने दूध पर 5 रुपये प्रति लीटर बोनस देने का ऐलान किया है जिससे पशुपालकों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और दूध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का कहना है कि गाय का दूध पोषण से भरपूर होता है जिससे कुपोषण की समस्या को दूर किया जा सकता है अगर मां और बच्चे दोनों गाय का दूध पीते हैं तो कुपोषण जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है इसलिए सरकार ने इस योजना की शुरुआत की है ताकि पशुपालकों को आर्थिक लाभ मिले और दूध उत्पादन भी बढ़े

    गाय पालन को मिलेगा बढ़ावा

    MP के पशुपालकों

    किसान भाई अब आपके लिए गाय पालन सिर्फ परंपरा नहीं बल्कि एक बड़ा आर्थिक सहारा भी बनने वाला है क्योंकि सरकार अब पशुओं के रखरखाव के लिए भी मदद कर रही है गायों के चारा दाना और उनके रहने की व्यवस्था के लिए सब्सिडी दी जाएगी ताकि पशुपालकों को कोई परेशानी न हो मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि हमारे देश की पहचान गौ-पालन से होती है और इसे और मजबूत करने के लिए सरकार पूरी मदद देगी

    इसे भी पड़े –खीरे की 6 बेहतरीन किस्में और उनके उपयोग जानिए – खीरे की उन्नत किस्में

    धान-गेहूं के किसानों को भी मिलेगा फायदा

    किसान भाइयों सिर्फ पशुपालकों को ही नहीं बल्कि जो किसान धान और गेहूं की खेती कर रहे हैं उन्हें भी सरकार बड़ा तोहफा देने जा रही है मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि गेहूं की MSP ₹2600 प्रति क्विंटल रखी गई है जिससे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलेगा इसके साथ ही धान की खेती करने वाले किसानों को 4000 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता राशि दी जाएगी जिससे खेती में और भी आसानी होगी यानी अब खेती और पशुपालन दोनों ही मुनाफे का सौदा बनने वाले हैं

    MP में खेती और पशुपालन को मिलेगा नया आयाम

    अब किसान भाइयों को खेती और पशुपालन के लिए किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि सरकार ने उनके लिए हर तरह की सुविधा का इंतजाम कर दिया है गाय का दूध बेचकर अब पशुपालकों को ज्यादा मुनाफा मिलेगा चारा और दाना पर सब्सिडी मिलेगी और किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य भी मिलेगा यानी अब खेती और पशुपालन दोनों ही आसान और लाभदायक बनते जा रहे हैं तो किसान भाइयों देर मत कीजिए इस योजना का पूरा फायदा उठाइए और अपनी आमदनी को दोगुना करिए

  • किसानों के लिए सुनहरा मौका, इस अप्रैल करें ये खेती और बनाएं तगड़ी आमदनी

    नमस्कार किसान भाइयों और बहनों, अगर आप भी खेती से ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो अप्रैल का महीना आपके लिए बेहद खास हो सकता है। इस समय मौसम तेजी से गर्म होने लगता है और फसलों की अच्छी पैदावार के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं। अगर आप सही फसल का चुनाव करते हैं और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हैं, तो आप खेती से लाखों रुपये कमा सकते हैं। आइए जानते हैं, अप्रैल में कौन-कौन सी फसलें आपके लिए फायदेमंद हो सकती हैं और कैसे इनसे अधिक लाभ कमाया जा सकता है।

    तरबूज और खरबूज की खेती – गर्मी में सबसे ज्यादा मुनाफा

    किसानों

    गर्मी बढ़ते ही तरबूज और खरबूज की मांग बाजार में आसमान छूने लगती है। इन फलों को लोग गर्मियों में बहुत पसंद करते हैं, जिससे इनकी बिक्री और कीमत दोनों बढ़ जाती हैं। अगर आप सही बीजों, जैविक खाद और उचित सिंचाई का ध्यान रखते हैं, तो आपकी फसल न केवल जल्दी तैयार होगी बल्कि बाजार में ऊंचे दामों में बिकेगी।

    सब्जियों की खेती – कम समय में बड़ा फायदा

    गर्मियों में हरी सब्जियों की मांग तेजी से बढ़ती है। लौकी, करेला, तोरई, भिंडी, टमाटर और शिमला मिर्च जैसी सब्जियां अगर सही तरीके से उगाई जाएं, तो किसान भाइयों को शानदार मुनाफा हो सकता है। खास बात यह है कि ये सब्जियां जल्दी तैयार होती हैं और थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भी बाजार में बेचकर अच्छा पैसा कमाया जा सकता है। अगर आप जैविक खेती अपनाते हैं, तो आपकी फसल की मांग और भी ज्यादा बढ़ जाएगी।

    किसानों

    मशरूम की खेती – कम जगह में ज्यादा कमाई

    अगर आपके पास ज्यादा जमीन नहीं है, लेकिन फिर भी खेती से अच्छी कमाई करना चाहते हैं, तो मशरूम की खेती आपके लिए शानदार विकल्प है। मशरूम की मांग पूरे साल बनी रहती है और इसे छोटे स्तर पर भी उगाया जा सकता है। ऑयस्टर और बटन मशरूम खासतौर पर बहुत ज्यादा बिकते हैं। बस सही तापमान और नमी बनाए रखें और बाजार में इसे ऊंचे दामों पर बेचें।

    इसे भी पड़े –खीरे की 6 बेहतरीन किस्में और उनके उपयोग जानिए – खीरे की उन्नत किस्में

    औषधीय फसलों से लाखों की कमाई

    आजकल लोग प्राकृतिक औषधियों और हर्बल प्रोडक्ट्स की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं, इसलिए औषधीय खेती किसानों के लिए एक बेहतरीन मौका है। अश्वगंधा, तुलसी, एलोवेरा, सर्पगंधा और स्टीविया जैसी औषधीय फसलें इस महीने में लगाई जा सकती हैं। इनकी मांग दवा कंपनियों और आयुर्वेदिक उत्पाद बनाने वाली कंपनियों में बहुत अधिक होती है। साथ ही, सरकार भी इन फसलों की खेती के लिए अनुदान और ट्रेनिंग कार्यक्रम चला रही है, जिससे किसानों को ज्यादा लाभ मिल सकता है।

    केले की खेती – सालभर की कमाई

    केले की खेती किसानों के लिए एक स्थिर आय का जरिया बन सकती है। गर्मियों में इसकी कीमत बढ़ जाती है और इसकी खेती से लगातार आमदनी होती रहती है। आधुनिक सिंचाई तकनीक जैसे ड्रिप इरिगेशन को अपनाकर किसान पानी की बचत कर सकते हैं और बेहतरीन उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। अगर सही देखभाल की जाए, तो केले की खेती से सालभर मुनाफा कमाया जा सकता है।

    निष्कर्ष – सही योजना से करें बंपर कमाई

    तो दोस्तों, अगर आप भी खेती से अच्छा पैसा कमाना चाहते हैं, तो अप्रैल का महीना आपके लिए सुनहरा मौका है। सही फसल का चुनाव करें, उन्नत तकनीकों का उपयोग करें और जैविक विधियों को अपनाएं। इससे न केवल आपकी पैदावार बेहतर होगी, बल्कि बाजार में ऊंचे दाम भी मिलेंगे। तो देर किस बात की? आज ही सही योजना बनाएं और खेती से लाखों का मुनाफा कमाने की ओर कदम बढ़ाएं।

    Disclaimer: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। खेती से संबंधित किसी भी निर्णय को लेने से पहले कृपया विशेषज्ञों की सलाह लें और बाजार की स्थितियों को ध्यान में रखें।

  • Mukhyamantri Bagwani Bima Yojana : कैसे कराएं अपनी फसलों का बीमा, किन फसलों को किया गया है शामिल

    तो कैसे हो किसान साथियो आज हम आपके लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी लेकर आए हैं जिससे आप अपनी मेहनत की फसल को सुरक्षित कर सकते हैं और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई भी कर सकते हैं जी हां किसान भाइयों हम बात कर रहे हैं मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना (Mukhyamantri Bagwani Bima Yojana) की जिसे राज्य सरकार ने आपकी भलाई के लिए शुरू किया है इस योजना के तहत 46 फसलों को शामिल किया गया है जिसमें 23 सब्जियां 21 फल और दो मसाला फसलें हैं तो आइए जानते हैं इस योजना के बारे में विस्तार से

    क्या है मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना

    किसान भाइयों सरकार ने आपकी आय बढ़ाने और आपको प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए यह योजना शुरू की है जिससे आप अपने खेतों में उगाई जाने वाली सब्जियां फल और मसाला फसलों को बीमा करा सकते हैं इस योजना के तहत 2.5 प्रतिशत की प्रीमियम दर से आपको बीमा सुरक्षा मिलेगी और अगर आपकी फसल को कोई नुकसान होता है तो आपको 30,000 से 40,000 रुपये प्रति एकड़ तक मुआवजा भी मिलेगा

    किन फसलों को किया गया है शामिल

    किसान भाइयों इस योजना में सब्जियों की 23 फसलों को शामिल किया गया है जिसमें गोभी पत्ता गोभी बैंगन लौकी करेला भिंडी अरबी शिमला मिर्च गाजर मिर्च खीरा ककड़ी खरबूजा प्याज मटर मूली आलू कद्दू तोरई तरबूज टिंडा जुकिनी और टमाटर शामिल हैं वहीं फलों की बात करें तो इसमें 21 फसलों को शामिल किया गया है जैसे अंजीर ड्रैगन फ्रूट खजूर चीकू बेर आंवला अंगूर जामुन अमरूद किन्नू नींबू लीची संतरा आम नाशपाती आलू बुखारा अनार और स्ट्रॉबेरी इसके अलावा मसाला फसलों में हल्दी और लहसुन को भी योजना के तहत रखा गया है

    कितनी देनी होगी प्रीमियम राशि

    अब बात आती है कि किसान भाई इस योजना का लाभ कैसे ले सकते हैं तो आपको प्रति एकड़ 2.5 प्रतिशत की प्रीमियम राशि भरनी होगी अगर आप सब्जियों और मसाला फसलों का बीमा कराते हैं तो इसके लिए आपको 750 रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रीमियम देना होगा जबकि फलों के लिए यह राशि 1000 रुपये प्रति एकड़ होगी इसके बदले में आपको सब्जियों और मसाला फसलों के नुकसान पर न्यूनतम 15,000 रुपये से लेकर अधिकतम 30,000 रुपये तक का मुआवजा मिलेगा वहीं फलों के नुकसान पर न्यूनतम 20,000 रुपये से लेकर अधिकतम 40,000 रुपये प्रति एकड़ तक की मुआवजा राशि दी जाएगी

    मुआवजा राशि किस आधार पर दी जाएगी

    किसान भाइयों अगर आपकी फसल का नुकसान 0 से 25 प्रतिशत तक होता है तो इस योजना के तहत कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा लेकिन 26 से 51 प्रतिशत फसल खराब होने पर 50 प्रतिशत यानी 15,000 रुपये तक मुआवजा मिलेगा अगर नुकसान 51 से 75 प्रतिशत तक होता है तो 75 प्रतिशत यानी 22,500 रुपये मुआवजा मिलेगा और अगर 75 प्रतिशत से अधिक नुकसान होता है तो आपको 100 प्रतिशत मुआवजा यानी 30,000 रुपये प्रति एकड़ दिया जाएगा वहीं फलों के लिए 26 से 51 प्रतिशत नुकसान होने पर 20,000 रुपये 51 से 75 प्रतिशत नुकसान होने पर 30,000 रुपये और 75 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर 40,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाएगा

    कैसे कराएं अपनी फसलों का बीमा

    अब सवाल आता है कि किसान भाई इस योजना में आवेदन कैसे कर सकते हैं तो आपको बता दें कि अगर आप मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत हैं तो इस योजना का लाभ उठा सकते हैं इसके लिए आपको हरियाणा सरकार के बागवानी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://mbby.hortharyana.gov.in/ पर जाकर आवेदन करना होगा अगर आपको आवेदन करने में कोई दिक्कत होती है तो आप अपने नजदीकी जिला उद्यान अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं या टोल फ्री नंबर 1800-180-2021 पर कॉल करके पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं

    किसान भाइयों ट्रैक्टर जंक्शन हमेशा आपको कृषि से जुड़ी अपडेट देता रहता है अगर आप नए ट्रैक्टर पुराने ट्रैक्टर या कृषि उपकरण खरीदना या बेचना चाहते हैं तो ट्रैक्टर जंक्शन से जुड़कर अपने फायदे का सौदा कर सकते हैं तो देर मत करिए और अपनी फसलों का बीमा कराकर प्राकृतिक आपदाओं से बचाव कीजिए

     

  • किसान भाइयों के लिए बड़ी खुशखबरी: MSP पर गेहूं खरीद की तारीख बढ़ी, अब मिलेगा ज्यादा दाम

    तो कैसे हो किसान साथियों आज हम आपके लिए लेकर आए हैं एक बड़ी और राहत भरी खबर मध्य प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद की तारीख बढ़ा दी गई है अब 15 मार्च से एमएसपी पर गेहूं की खरीद शुरू होगी पहले यह तारीख 1 मार्च तय की गई थी लेकिन मौसम की मार और बारिश के चलते गेहूं की नमी बढ़ गई थी जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता था इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने गेहूं खरीद की तारीख आगे बढ़ाने का फैसला लिया है जिससे किसान भाई बिना किसी चिंता के अपनी फसल अच्छे दामों पर बेच सकें

    किसान भाइयों को होगा बड़ा फायदा

    इस बार किसानों को गेहूं का अच्छा दाम मिलने वाला है मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने घोषणा की है कि सरकार इस बार गेहूं किसानों से 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद करेगी यानी एमएसपी से 175 रुपये ज्यादा मिलेगा केंद्र सरकार ने इस साल गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 150 रुपये की बढ़ोतरी करके 2425 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है और राज्य सरकार इसमें बोनस जोड़कर किसानों को अधिक लाभ देने जा रही है यह खबर हर किसान भाई के चेहरे पर खुशी लाने वाली है क्योंकि पिछले साल सरकार ने 125 रुपये का बोनस दिया था और इस बार यह राशि बढ़ा दी गई है

    गेहूं की गुणवत्ता बचाने के लिए बढ़ाई गई तारीख

    मौसम की मार से इस बार गेहूं की कटाई में देरी हुई है और मंडियों में आने वाले गेहूं में अधिक नमी पाई जा रही थी ऐसे में अगर जल्दबाजी में गेहूं की खरीद शुरू कर दी जाती तो किसानों को नुकसान होता और उनके गेहूं की कीमत भी गिर सकती थी खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए खरीद की तारीख को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है अब किसान भाई अपनी फसल को अच्छे से सुखा सकते हैं और तय समय पर सरकारी खरीद केंद्रों पर बेच सकते हैं

    15 मार्च से 5 मई तक चलेगी खरीद

    खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने बताया है कि मध्य प्रदेश में 15 मार्च से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होगी और यह 5 मई तक जारी रहेगी ऐसे में किसान भाइयों के पास पर्याप्त समय रहेगा कि वे अपनी फसल को पूरी तरह तैयार करके उचित दाम पर बेच सकें सरकार की यह पहल उन किसानों के लिए राहत की खबर है जिनकी फसल में अभी नमी अधिक बनी हुई है

    पंजीकरण जरूर कराएं वरना चूक सकते हैं अवसर

    MSP

    अगर आप अपना गेहूं एमएसपी पर बेचना चाहते हैं तो सरकार ने साफ कर दिया है कि समय पर पंजीकरण कराना जरूरी होगा बिना पंजीकरण के गेहूं की बिक्री नहीं हो सकेगी इसलिए किसान भाई जल्द से जल्द अपना पंजीकरण करा लें ताकि उन्हें सरकारी योजना का पूरा लाभ मिल सके

    किसानों के लिए राहत भरी खबर

    इस बार सरकार ने गेहूं की कीमत बढ़ाकर किसानों को एक बड़ा तोहफा दिया है साथ ही तारीख बढ़ाने का फैसला भी किसानों के लिए राहत भरा है क्योंकि अब उन्हें अपने गेहूं को अच्छी तरह तैयार करने और सही समय पर बेचने का मौका मिलेगा सरकार चाहती है कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा फल मिले और उनके गेहूं की गुणवत्ता भी बनी रहे किसान भाई अब बिना किसी चिंता के अपनी फसल तैयार करें और 15 मार्च से शुरू होने वाली सरकारी खरीद का पूरा फायदा उठाएं

  • बरसात में लगाए लौकी की ये 5 बेहतरीन किस्में और पाएं बंपर मुनाफा – Lauki ki 5 Best Variety

    किसान साथियो, अगर आप बरसात के दिनों में लौकी की खेती करने का सोच रहे हैं, तो यह एक बेहतरीन मौका है। बरसात में लौकी की मांग बढ़ जाती है और अच्छी कीमत भी मिलती है। खासकर अगर आप अगेती लौकी उगाते हैं, तो आपका मुनाफा कई गुना बढ़ सकता है। लेकिन सही किस्म का चुनाव बेहद जरूरी है, क्योंकि बरसात में हर किस्म अच्छे से परफॉर्म नहीं कर पाती। इसलिए आज हम आपको कुछ बेहतरीन हाइब्रिड लौकी की किस्मों के बारे में बताएंगे, जो बरसात में भी शानदार उपज देती हैं।

    बरसाती लौकी की खेती क्यों है फायदेमंद?

    किसान भाइयों, बरसाती लौकी की सबसे खास बात यह है कि इसकी फलन और फ्रूटिंग क्षमता जबरदस्त होती है। अगर आप इन किस्मों को बरसात के दिनों में लगाते हैं, तो थोड़ी बहुत मौसम की मार भी इन पर ज्यादा असर नहीं डालती। अगर बरसात ज्यादा हो जाए, तब भी ये किस्में अच्छी पैदावार देती हैं। लेकिन ध्यान रहे, खेती के लिए नॉर्मल विधि की बजाय मचान विधि (ट्रेलेस) या मंडप विधि अपनाएं, जिससे लौकी की बेलें सुरक्षित रहें और उत्पादन बढ़े।

    बरसात में लगाए लौकी की ये 5 बेहतरीन किस्में और पाएं बंपर मुनाफा - Lauki ki 5 Best Variety

    मंडप विधि से लौकी की खेती – ज्यादा उपज का राज

    किसान भाई, अगर आप मंडप विधि से लौकी की खेती करेंगे तो पैदावार ज्यादा होगी और फल भी साफ-सुथरे निकलेंगे। इससे बाजार में अच्छी कीमत मिलेगी और आपका मुनाफा बढ़ेगा। मंडप बनाने के लिए मजबूत बांस, लोहे के पाइप, रस्सी और तार का इस्तेमाल करें। इसे बनाने के लिए –

    • जगह का चयन करें, जहां अच्छी धूप और पानी निकासी हो।
    • 10 फीट ऊंचे बांस को 2.5 फीट गहरे गड्ढे में गाड़ें।
    • बांस को रस्सी और तार से जोड़कर एक मजबूत फ्रेम तैयार करें।
    • ऊपर से क्रॉस पैटर्न में तार बांधें, ताकि बेलें सही तरीके से फैल सकें।

    जब लौकी की बेलें बढ़ने लगें, तो उन्हें मंडप पर चढ़ाने के लिए सहारा देते रहें। इससे फल हवा में लटकेंगे और मिट्टी से सटे नहीं रहेंगे, जिससे कीट और रोगों का खतरा कम होगा।

    बरसात में लगाएं ये 5 बेहतरीन हाइब्रिड लौकी की किस्में

    किसान साथियो, अब हम आपको बताने जा रहे हैं उन 5 बेहतरीन लौकी की हाइब्रिड किस्मों के बारे में, जो बरसात में शानदार उत्पादन देती हैं और बाजार में ऊंचे दाम पर बिकती हैं।

    1. वीएनआर हारुना (VNR Haruna F1)

    यह किस्म अपने आकर्षक फलों के लिए जानी जाती है। इसका पौधा लंबे समय तक हरा-भरा रहता है। इसके फलों का आकार 25-30 सेमी लंबा और 6.5-7.5 सेमी चौड़ा होता है। इसका वजन करीब 700-800 ग्राम तक होता है। यह किस्म रोग प्रतिरोधी है और बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिलती है।

    2. अनोखी लौकी (Nunhems Anokhi F1)

    इस लौकी की बेलें बहुत मजबूत होती हैं और इनसे ज्यादा शाखाएं निकलती हैं। इसकी आनुवंशिक शुद्धता 95% तक होती है और फलन क्षमता भी काफी ज्यादा होती है। इसके फलों की लंबाई 30-35 सेमी होती है और ये मध्यम आकार के होते हैं, जो बाजार में आसानी से बिक जाते हैं।

    3. वीएनआर सरिता (VNR Sarita F1)

    इस किस्म के फल हरे, लंबे और एक समान आकार के होते हैं। इसकी उपज बहुत ज्यादा होती है और यह वायरस जैसी बीमारियों को सहन करने की क्षमता रखती है। पहली तुड़ाई 60-65 दिनों में हो जाती है। इसका फल 35-40 सेमी लंबा और 7-9 सेमी चौड़ा होता है, जबकि वजन करीब 1-1.25 किलोग्राम होता है।

    4. महीको माही 8 गोल्ड (Mahyco Mahy 8 Gold)

    इस हाइब्रिड लौकी के फल बेलनाकार और चमकीले हरे रंग के होते हैं। इसकी लंबाई 40-45 सेमी होती है और वजन 600-750 ग्राम तक रहता है। यह किस्म 50-55 दिनों में तैयार हो जाती है।

    5. अनमोल F1 लौकी (Anmol F1 Bottle Gourd)

    इस किस्म की सबसे खास बात यह है कि यह बरसात में भी बेहतरीन उत्पादन देती है। इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है और फलों का आकार मध्यम होता है। यह बाजार में अच्छे दाम पर बिकती है और किसानों को बढ़िया मुनाफा देती है।

    सही समय और खाद का उपयोग – बंपर पैदावार का मंत्र

    किसान भाइयों, अगर आप बरसाती लौकी की खेती करना चाहते हैं तो सही समय का चुनाव बहुत जरूरी है। मई से जून के अंत तक बुवाई कर सकते हैं, लेकिन जुलाई में भी खेती की जा सकती है।

    अच्छी पैदावार के लिए बुवाई से पहले खेत में 3-4 ट्रॉली गोबर की खाद डालें। इसके अलावा, 50-75 किलो सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP), 30-35 किलो DAP, 25 किलो जिप्सम और 2-3 किलो कोई भी दानेदार कीटनाशक मिलाएं। इससे पौधे स्वस्थ रहेंगे और पैदावार ज्यादा होगी।

    बरसात में लौकी की फसल को कीटों और बीमारियों से बचाएं

    किसान साथियो, बरसात में लौकी की फसल पर कई कीटों और बीमारियों का खतरा रहता है। वाइट ग्रब और रेड पंपकिन बीटल सबसे खतरनाक होते हैं, जो पौधों को नष्ट कर सकते हैं। इनसे बचाव के लिए लांसर गोल्ड (Acephate 50% + Imidacloprid 1.8% SP) या प्रोफेक्स सुपर (Profenofos 40% + Cypermethrin 4% EC) का स्प्रे करें। 15 लीटर पानी में 45 ग्राम लांसर गोल्ड या 25 एमएल प्रोफेक्स सुपर मिलाकर छिड़काव करें।

    बरसात में लौकी की खेती से बनाएं ज्यादा मुनाफा

    किसान भाइयों, अगर आप बरसात में लौकी की खेती करना चाहते हैं तो सही किस्म और आधुनिक खेती तकनीक अपनाना जरूरी है। मंडप विधि से खेती करें, अच्छी किस्मों का चयन करें और फसल की सही देखभाल करें। इससे न केवल आपको अच्छी उपज मिलेगी, बल्कि बाजार में ऊंचे दाम भी मिलेंगे। उम्मीद है कि यह जानकारी आपके लिए फायदेमंद साबित होगी।

    तो किसान भाइयों, देर मत कीजिए और इस बरसात में लौकी की खेती करके बंपर मुनाफा कमाइए

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  • घर में जरूर लगाएं ये 2 जादुई पौधे, बनेगा ऑक्सीजन का पावर हाउस और हवा होगी शुद्ध

    आजकल बढ़ता प्रदूषण और जहरीली हवा हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत बड़ा खतरा बन चुकी है। शुद्ध हवा में सांस लेना अब एक सपना सा लगता है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं! अगर आप चाहते हैं कि आपका घर ऑक्सीजन से भरपूर हो और हवा इतनी शुद्ध हो कि हर सांस ताजगी से भरी लगे, तो आपको अपने घर में ये दो बेहद खास पौधे जरूर लगाने चाहिए।

    ये पौधे न सिर्फ आपके घर की हवा को साफ करेंगे बल्कि उसमें एक मनमोहक खुशबू भी घोल देंगे। तो चलिए दोस्तों, जानते हैं इन जादुई पौधों के बारे में, जो आपके घर को एक प्राकृतिक ऑक्सीजन हाउस बना सकते हैं

    एग्लोनिमा – हवा को शुद्ध करने वाला जादुई पौधा

    दोस्तों, अगर आप ऐसा पौधा चाहते हैं, जो आपके घर को सुंदर भी बनाए और हवा को भी साफ करे, तो एग्लोनिमा आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन है इसे चीनी सदाबहार भी कहा जाता है और यह एक बारहमासी पौधा है, जिसे बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती।

    एग्लोनिमा के फायदे:

    यह घर की हवा को शुद्ध करता है और विषाक्त पदार्थों को हटाकर ऑक्सीजन छोड़ता है।
    कम रोशनी में भी आसानी से उगता है, यानी इसे कहीं भी रखा जा सकता है।
    इसके खूबसूरत हरे और लाल पत्ते घर की सुंदरता बढ़ाने में मदद करते हैं।
    यह तनाव को कम करता है और वातावरण को शांतिपूर्ण बनाता है।

    अगर आप अपने घर की हवा को हेल्दी और ताजा बनाना चाहते हैं, तो इस पौधे को जरूर लगाएं। यह आपको नर्सरी में आसानी से मिल जाएगा और इसे लगाने के बाद आपका घर एक प्राकृतिक ऑक्सीजन जोन बन जाएगा

    घर में जरूर लगाएं ये 2 जादुई पौधे, बनेगा ऑक्सीजन का पावर हाउस और हवा होगी शुद्ध

    ब्रॉड लेडी पाम – कम देखभाल में शुद्ध हवा देने वाला पौधा

    दोस्तों, अगर आपको ऐसा पौधा चाहिए, जो कम देखभाल में भी आपके घर की हवा को शुद्ध बना दे, तो ब्रॉड लेडी पाम आपके लिए बेस्ट चॉइस है! यह पौधा कम रोशनी में भी बढ़ सकता है और बहुत अधिक पानी की जरूरत नहीं होती।

    ब्रॉड लेडी पाम के फायदे

     यह घर के अंदर के वातावरण से विषाक्त पदार्थों को हटाता है और हवा को शुद्ध बनाता है।
    यह बहुत कम देखभाल में भी अच्छा ग्रो करता है, यानी ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी!
    इस पौधे से घर का वातावरण हमेशा ताजा और ऑक्सीजन से भरपूर रहेगा।
     यह फॉर्मलडिहाइड, बेंजीन और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे हानिकारक तत्वों को हटाने में मदद करता है।

    अगर आप अपने घर को प्रदूषण मुक्त और हेल्दी बनाना चाहते हैं, तो यह पौधा लगाना न भूलें। यह आपको नजदीकी नर्सरी में आसानी से मिल जाएगा और एक बार लगाने के बाद आपका घर हमेशा ताजगी से भरा रहेगा!

    घर को ऑक्सीजन जोन बनाने के लिए इन पौधों को जरूर लगाएं

    दोस्तों, अब समय आ गया है कि हम अपने घर में ऐसे पौधे लगाएं, जो न सिर्फ सुंदर दिखें बल्कि हमारी सेहत के लिए भी फायदेमंद हों। एग्लोनिमा और ब्रॉड लेडी पाम दो ऐसे जादुई पौधे हैं, जो आपके घर को शुद्ध हवा से भर देंगे और प्रदूषण को दूर करेंगे।

    तो दोस्तों, क्या आप भी अपने घर को ऑक्सीजन का पावर हाउस बनाना चाहते हैं? अगर हां, तो आज ही इन पौधों को अपने घर में लगाएं और एक हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं!

    अगर आपको यह जानकारी पसंद आई हो, तो इसे अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ शेयर जरूर करें ताकि हर कोई ताजी और शुद्ध हवा में सांस ले सके

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  • मार्च में मूंग की खेती के लिए ये किस्म का करें चुनाव, होगी बंपर कमाई, और ऐसे घर बैठे मंगवाएं बीज

    अगर आप भी खेती में कुछ नया और मुनाफेदार करने की सोच रहे हैं, तो मूंग की खेती आपके लिए शानदार विकल्प साबित हो सकती है। खासकर मार्च के महीने में इसकी बुवाई से आप कम समय में अच्छी उपज पा सकते हैं। दलहनी फसलों की बढ़ती मांग और मूंग के पौष्टिक गुणों की वजह से इसकी खेती तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

    अगर आप मूंग की खेती करना चाहते हैं, लेकिन सही बीज और किस्म को लेकर दुविधा में हैं, तो आपकी यह परेशानी अब खत्म हो गई है। राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) अब ऑनलाइन मूंग के बीज बेच रहा है, जिसे आप घर बैठे मंगवा सकते हैं। इस लेख में हम आपको मूंग की सर्वश्रेष्ठ ‘विराट’ किस्म, उसकी खेती के फायदे और बीज मंगवाने की आसान प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी देंगे। तो चलिए, जानते हैं इस शानदार मौके के बारे में!

    मूंग की खेती से किसानों को होगा तगड़ा मुनाफा

    दोस्तों, आपको यह जानकर खुशी होगी कि अब किसान सिर्फ धान-गेहूं पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि दलहनी फसलों की खेती से भी अच्छी कमाई कर रहे हैं। मूंग की खेती कम समय में तैयार होती है, लागत भी कम लगती है और बाजार में इसकी जबरदस्त मांग रहती है।

    मूंग की खेती दो मुख्य सीजन में की जाती है:

    जायद सीजन – बुवाई मार्च से अप्रैल तक की जाती है।
    खरीफ सीजन – बुवाई जून के अंत से जुलाई के अंत तक होती है।

    मार्च के महीने में अगर आप मूंग की खेती करना चाहते हैं, तो विराट किस्म आपके लिए सबसे बेस्ट ऑप्शन है। यह किस्म जलवायु के हिसाब से अनुकूल होती है और रोगों के प्रति अधिक सहनशील होती है।

    मार्च में मूंग की खेती के लिए ये किस्म का करें चुनाव, होगी बंपर कमाई, और ऐसे घर बैठे मंगवाएं बीज

    विराट मूंग की खासियत – क्यों है यह सबसे बेहतर किस्म?

    दोस्तों, मूंग की विराट किस्म एक हाईब्रिड किस्म है, जिसे खासतौर पर अधिक उपज और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए तैयार किया गया है।

    पीला मोजेक वायरस से सुरक्षित: यह किस्म पीला मोजेक वायरस का प्रतिरोधी है, जिससे फसल को नुकसान नहीं होता।
    ग्रीष्म और खरीफ दोनों मौसम के लिए उपयुक्त: इस किस्म को साल में दो बार उगाया जा सकता है।
    लंबी और चमकदार फलियां: इसकी फलियां हरी, मोटी और चमकदार होती हैं, जिससे बाजार में इसकी मांग अधिक रहती है।
    प्रति फली अधिक दाने: यह किस्म दूसरी किस्मों की तुलना में अधिक उपज देती है, जिससे किसानों को ज्यादा मुनाफा होता है।

    अगर आप भी कम लागत में अधिक मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो विराट मूंग की खेती आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।

    मूंग के बीज कहां से खरीदें? ऐसे करें घर बैठे ऑर्डर

    अब आपको बीज खरीदने के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) किसानों की सुविधा के लिए ऑनलाइन मूंग का बीज बेच रहा है।

    विराट मूंग के बीज की कीमत: राष्ट्रीय बीज निगम की वेबसाइट पर 4 किलो का पैकेट मात्र ₹516 में उपलब्ध है, जिसमें 14% की छूट भी दी जा रही है।

    बीज खरीदने का तरीका:

    राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
    मूंग बीज’ के सेक्शन में जाकर विराट किस्म को चुनें।
    अपना ऑर्डर प्लेस करें और बीज को सीधे अपने घर मंगवाएं।

    इस प्रक्रिया से आप बिना किसी परेशानी के घर बैठे ही बीज मंगवाकर अपनी खेती की शुरुआत कर सकते हैं।

    खेत की तैयारी – मूंग की बंपर पैदावार के लिए सही तरीका

    दोस्तों, मूंग की खेती में खेत की सही तैयारी बहुत मायने रखती है। अगर आप उत्तम उपज चाहते हैं, तो इन जरूरी स्टेप्स को अपनाएं:

    खेत की जुताई – खेत को दो से तीन बार अच्छे से जोतें, ताकि मिट्टी भुरभुरी हो जाए।
    खरपतवार की सफाई – बीज बोने से पहले खेत में मौजूद खरपतवार को पूरी तरह से हटा दें।

    पंक्ति और पौधे की दूरी –

    जायद की फसल में: पंक्ति से पंक्ति की दूरी 30 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी 10 सेमी रखें।
    खरीफ की फसल में: दूरी 45 सेमी तक रख सकते हैं।
    उत्तम जल निकास – खेत में जल निकास की सही व्यवस्था रखें, ताकि अधिक पानी से फसल खराब न हो।

    मूंग की खेती से कमाएं शानदार मुनाफा

    दोस्तों, मूंग की खेती सिर्फ सेहतमंद आहार के लिए ही नहीं, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित हो रही है।

    कम लागत, ज्यादा मुनाफा: मूंग की फसल जल्दी तैयार होती है और बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिलती है।
    रासायनिक उर्वरकों की कम जरूरत: यह जैविक खेती के लिए भी उपयुक्त फसल है।
    उत्तम बाजार मांग: मूंग की दाल की मांग हमेशा बनी रहती है, जिससे किसानों को नुकसान होने का डर नहीं रहता।

    अगर आप भी अपनी खेती से ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो मार्च में मूंग की विराट किस्म की खेती जरूर करें। बीज खरीदने के लिए राष्ट्रीय बीज निगम की वेबसाइट पर जाएं और घर बैठे ऑर्डर करें।

    तो दोस्तों देर मत कीजिए मूंग की खेती से बंपर कमाई का यह शानदार मौका हाथ से न जाने दें। अगर आपको यह जानकारी पसंद आई हो, तो इसे अपने किसान भाइयों के साथ जरूर शेयर करें

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  • PM Modi ने जारी की पीएम किसान की 19वीं किस्त, किसानों के खाते में आए 22,000 करोड़ रुपये

    आज हम आपको एक बहुत बड़ी और खुशी की खबर देने जा रहे हैं, जो हमारे देश के अन्नदाताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के भागलपुर से पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त जारी कर दी है। इस ऐतिहासिक मौके पर 9.80 करोड़ किसानों के खातों में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई है। पीएम मोदी ने रिमोट का बटन दबाकर इस राशि को डीबीटी (डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर) के जरिए किसानों तक पहुंचाया।

    बिहार की धरती से किसानों को बड़ी सौगात

    दोस्तों, बिहार की पावन धरती से पीएम मोदी ने न सिर्फ इस योजना की नई किस्त जारी की, बल्कि कई विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद थे। पीएम मोदी ने मंच से नीतीश कुमार को “लाडले मुख्यमंत्री” कहकर संबोधित किया और कहा कि बिहार में उनकी सरकार किसानों के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार गरीबों, किसानों, नौजवानों और महिलाओं के सशक्तिकरण के चार मजबूत स्तंभों पर काम कर रही है।

    PM Modi ने जारी की पीएम किसान की 19वीं किस्त, किसानों के खाते में आए 22,000 करोड़ रुपये

    किसानों को अब नहीं झेलनी पड़ती खाद की किल्लत

    दोस्तों, एक समय था जब किसानों को खाद के लिए लंबी लाइनों में लगना पड़ता था और कई बार लाठियां भी खानी पड़ती थीं। लेकिन पीएम मोदी ने अपने भाषण में बताया कि उनकी सरकार ने इस समस्या को पूरी तरह खत्म कर दिया है। पहले खाद की जमकर कालाबाजारी होती थी, लेकिन अब किसानों को समय पर खाद मिल रही है। यहां तक कि कोरोना महामारी के दौरान भी खाद की कमी नहीं होने दी गई।

    पीएम मोदी ने कांग्रेस और पूर्ववर्ती सरकारों पर भी जमकर निशाना साधा और कहा कि जब ये लोग सत्ता में थे, तब खेती का जितना बजट था, उससे कई गुना ज्यादा रकम आज किसानों के खाते में सीधे भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर एनडीए की सरकार नहीं होती, तो आज भी किसानों को खाद के लिए संघर्ष करना पड़ता।

    मखाना बना सुपरफूड, बिहार के किसानों को मिलेगा फायदा

    दोस्तों, मखाने की खेती से जुड़े किसानों के लिए भी यह दिन बेहद खास रहा। पीएम मोदी ने मखाने को “सुपरफूड” बताते हुए कहा कि यह देश के लोगों की सेहत का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने बताया कि वह खुद भी साल के 365 दिनों में से 300 दिन मखाना जरूर खाते हैं। बिहार के मखाने को पूरी दुनिया तक पहुंचाने के लिए सरकार ने बजट में मखाना बोर्ड बनाने की घोषणा की है। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिलेगा और उनकी आमदनी भी बढ़ेगी।

    किसानों को नई तकनीक से जोड़ने की पहल

    दोस्तों, पीएम मोदी ने बिहार में 10,000वें किसान उत्पादक संगठन (FPO) के निर्माण की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह FPO मक्का, केला और धान की खेती को बढ़ावा देगा। सरकार ने बजट में “पीएम धन धान्य योजना” की भी घोषणा की है, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी।

    लालू यादव पर हमला, कहा-

    अपने भाषण में पीएम मोदी ने पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग पशुओं का चारा खा सकते हैं, वे किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस और जंगलराज वाली सरकार थी, तब किसानों को उनकी उपज का सही दाम नहीं मिलता था और वे हमेशा परेशान रहते थे। लेकिन एनडीए सरकार ने इन हालातों को बदला है और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए हैं।

    महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर किसानों को मिली सौगात

    दोस्तों, बिहार की यह पावन भूमि बाबा अजगैबीनाथ की धरा है, जहां इस समय महाशिवरात्रि की तैयारियां जोरों पर हैं। इस पवित्र मौके पर पीएम मोदी ने किसानों को एक और तोहफा दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस शुभ अवसर पर पीएम किसान की 19वीं किस्त जारी करने का सौभाग्य मिला है।

    आज, महज एक क्लिक पर देशभर के 9.80 करोड़ किसानों के खातों में 22,000 करोड़ रुपये पहुंचाए गए हैं। यह सिर्फ पैसे की ट्रांसफर नहीं, बल्कि किसानों के सम्मान और उनकी मेहनत का इनाम है।

    किसानों की तरक्की ही सरकार की प्राथमिकता

    दोस्तों, पीएम मोदी ने अपने भाषण के अंत में फिर दोहराया कि उनकी सरकार का लक्ष्य देश के किसानों को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि खेती को और आधुनिक बनाया जाएगा, किसानों को टेक्नोलॉजी से जोड़ा जाएगा और उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

    तो दोस्तों, यह खबर बताती है कि सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है। अगर आप भी किसान हैं या किसी किसान परिवार से जुड़े हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद खास है। क्या आप भी मानते हैं कि यह योजना किसानों के लिए फायदेमंद है? हमें कमेंट में जरूर बताएं

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