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  • IND vs ENG 1st Test: पांच शतक लगने के बाद भी भारत हारा, 148 साल में पहली बार हुआ ऐसा शर्मनाक रिकॉर्ड

    IND vs ENG 1st Test: अगर आप क्रिकेट के फैन हैं तो यकीनन भारत और इंग्लैंड के बीच हुआ पहला टेस्ट मैच आपके दिल को छू गया होगा। भारतीय बल्लेबाजों ने धमाकेदार प्रदर्शन किया, एक के बाद एक शतक ठोके, और ऐसा लगा कि टीम इंडिया यह मैच आसानी से जीत लेगी। लेकिन क्रिकेट की यही तो खूबसूरती है—यह कब किसका पासा पलट दे, कोई नहीं जानता।

    भारतीय बल्लेबाजों ने जमाए रिकॉर्डतोड़ शतक

    पहले टेस्ट मैच में भारत की ओर से पांच बल्लेबाजों ने शतक जमाए, जो भारतीय क्रिकेट इतिहास में पहली बार हुआ। यशस्वी जायसवाल ने शानदार अंदाज में 101 रनों की पारी खेली, जिसमें 16 चौके और एक छक्का शामिल था। कप्तान शुभमन गिल ने भी कप्तानी पारी खेलते हुए 147 रन बनाए, और उनकी बैटिंग में 19 चौके और एक छक्का देखने को मिला।

    ऋषभ पंत का दोहरा धमाका

    ऋषभ पंत का अंदाज तो हमेशा ही अलग होता है। उन्होंने पहली पारी में 134 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 6 छक्के और 12 चौके शामिल थे। इसके बाद दूसरी पारी में भी उन्होंने धमाका किया और 118 रनों की एक और शतकीय पारी खेली। पंत दुनिया के दूसरे विकेटकीपर बल्लेबाज बन गए जिन्होंने टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शतक लगाया।

    केएल राहुल की संयमित पारी

    केएल राहुल भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने दूसरी पारी में बेहद संयम और धैर्य से खेलते हुए 137 रन बनाए। इस पारी में उनके 18 चौके शामिल थे। भारतीय टीम ने पहली पारी में 471 रन बनाए और दूसरी पारी में 164 रन जोड़कर इंग्लैंड को 371 रनों का लक्ष्य दिया।

    बेन डकेट ने पलटा मैच का रुख

    इस पूरे मैच का सबसे बड़ा ट्विस्ट इंग्लैंड की दूसरी पारी में आया, जब बेन डकेट ने 149 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेलकर भारत की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उन्होंने 170 गेंदों में 21 चौके और एक छक्का लगाया और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ भी बने। इंग्लैंड ने सिर्फ 82 ओवरों में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।

    148 साल में पहली बार हुआ ऐसा

    अब सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि टेस्ट क्रिकेट के 148 सालों के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी टीम के पांच बल्लेबाजों ने शतक जमाए और फिर भी वह टीम हार गई। इस हार के साथ भारत के नाम एक बेहद शर्मनाक रिकॉर्ड जुड़ गया है।

    क्रिकेट का असली रोमांच यही है

    यह मैच एक बार फिर हमें यह सिखा गया कि क्रिकेट में कुछ भी तय नहीं होता। रिकॉर्ड बनते हैं, टूटते हैं, लेकिन हार और जीत का फैसला मैदान पर होता है – आखिरी गेंद तक।

    डिस्क्लेमर:
    यह लेख क्रिकेट प्रेमियों के लिए जानकारी और मनोरंजन के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी मैच के प्रदर्शन और उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है।

  • MP में पहली बार उगा पीला तरबूज, 14 रु/किलो में बिका, किसान भाइयों की बदली किस्मत

    नमस्कार दोस्तों,आज हम आपको मध्यप्रदेश के दमोह जिले से जुड़ी एक बेहद प्रेरणादायक और दिल को छू लेने वाली कहानी बताने जा रहे हैं। ये कहानी है दो युवा भाइयों की—आकाश और अक्षत सेठ की—जिन्होंने परंपरागत खेती से हटकर कुछ नया करने की ठानी और मेहनत, समझदारी और टेक्नोलॉजी की मदद से ऐसा कमाल कर दिखाया कि पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गए।

    दमोह जिला मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर अभाना गांव में रहने वाले ये दोनों भाई पेशे से किसान हैं और बीकॉम पास हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने खेती को ही अपना करियर बनाया और वर्षों से तरबूज और खरबूज की खेती कर रहे हैं। लेकिन इस बार उन्होंने ऐसा कुछ किया जो पूरे प्रदेश में पहली बार हुआ—उन्होंने पीले तरबूज की खेती की, और वो भी बंपर पैदावार के साथ।

    तीन साल पहले इन दोनों भाइयों ने प्रयोग के तौर पर सिर्फ 5 क्यारियों में पीले तरबूज के बीज लगाए थे। उन्होंने हर छोटी-बड़ी बात को समझा और समस्याओं से सीख ली। इस अनुभव को देखते हुए इस बार इन्होंने सवा एकड़ में पीले तरबूज की खेती की और शानदार परिणाम मिले। जहां आमतौर पर तरबूज 90 दिन में तैयार होता है, वहीं इन्होंने इसे सिर्फ 60 दिन में तैयार कर दिखाया। इसके पीछे भी इनका स्मार्ट माइंड था—बीज से पौधा पहले ही नर्सरी में तैयार कर लिया गया था, जिससे 30 दिन का समय बच गया।

    इस फसल की सिंचाई टपक पद्धति (Drip Irrigation) से की गई, जिससे पानी की बचत भी हुई और पौधों को जरूरत के अनुसार ही पानी मिला। पैदावार को और बेहतर बनाने के लिए उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क कर 40 से ज्यादा मधुमक्खियों के बॉक्स भी रखवाए, जिससे परागण बेहतर हुआ और उत्पादन में 2-3 टन की वृद्धि हुई।

    अब बात करें मुनाफे की—तो बाजार में जहां लाल तरबूज थोक में 7-8 रुपए किलो बिक रहा है, वहीं पीला तरबूज 14-15 रुपए किलो में बिक रहा है। जबलपुर, सतना और कटनी जैसे शहरों से व्यापारी खुद इन भाइयों के खेत पर आकर तरबूज खरीद रहे हैं। यानि न सिर्फ मेहनत रंग लाई, बल्कि आर्थिक रूप से भी उन्हें जबरदस्त सफलता मिली।

    इन भाइयों का कहना है कि पीला तरबूज अफ्रीका के रेगिस्तानी इलाकों में पहली बार उगाया गया था। कम पानी में भी इसकी अच्छी फसल होती है। और स्वाद की बात करें तो ये लाल तरबूज से ज्यादा मीठा और रसदार होता है।

    इस पीले तरबूज की सेहत पर भी कई फायदे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. मनोज अहिरवार बताते हैं कि इसमें विटामिन-बी, ए, सी, आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और बीटा कैरोटीन जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये शरीर को गर्मी में ठंडक देने के साथ-साथ वजन घटाने, पाचन सुधारने और स्किन को हेल्दी रखने में भी मदद करता है।

    आकाश और अक्षत जैसे युवा किसानों की मेहनत, लगन और सोच को सलाम, जिन्होंने यह दिखा दिया कि अगर इरादा पक्का हो तो किसान भी टेक्नोलॉजी और स्मार्ट एग्रीकल्चर से एक नई दिशा में देश को ले जा सकते हैं। उनकी यह सफलता न केवल दमोह, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के किसानों के लिए प्रेरणा है।

    डिस्क्लेमर:
    यह लेख केवल सूचना और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी कृषि विशेषज्ञों और किसानों के अनुभवों पर आधारित है। किसी भी नई खेती की शुरुआत करने से पहले स्थानीय कृषि विभाग या विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

  • Indore News: इंदौर में मानसून की दस्तक से मौसम सुहाना, अगले दो दिन जमकर बरसेंगे बादल

    Indore News: अगर आप इंदौर में रहते हैं या यहां के मौसम से जुड़े हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। रविवार से ही इंदौर की फिजाओं में ठंडक घुल गई है और मानसून की हल्की बारिश ने शहर को भीगा दिया है। सोमवार की सुबह से भी आसमान में बादल छाए हुए हैं और रिमझिम बारिश लगातार जारी है। ऐसे में गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली है और मौसम पूरी तरह से बदल चुका है।

    सुबह की हल्की बूंदाबांदी से लेकर दिनभर के बादलों का डेरा, इंदौरवासियों को ठंडी हवा और नमी भरी बारिश की वो फीलिंग दे रहा है, जिसका इंतजार गर्मियों में हर कोई करता है। मौसम विभाग की मानें तो यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा और अगले दो दिन तेज बारिश की भी पूरी संभावना है।

    जून में भीग रहा इंदौर, तापमान में बड़ी गिरावट

    इस बार जून के महीने में इंदौर का मौसम बेहद खास बन गया है। तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। बीते सालों की बात करें तो जून में यहां पारा 39.6 से 41.1 डिग्री सेल्सियस के बीच ही रहा था। पिछले साल यानी 2024 में अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री तक पहुंचा था, लेकिन बारिश के चलते इस बार यह काफी नीचे जा सकता है।

    गौर करने वाली बात ये है कि जून में आमतौर पर 20 प्रतिशत तक की बारिश हो जाती है, और पिछले साल तो करीब 4 इंच पानी बरस चुका था। इस बार भी उम्मीद की जा रही है कि बारिश का यह सिलसिला पिछले आंकड़ों को पीछे छोड़ सकता है।

    पुराने रिकॉर्ड भी याद दिला रहे हैं जोरदार बारिश की उम्मीद

    अगर हम इतिहास की बात करें तो साल 1980 में इंदौर में जून के महीने में सबसे ज्यादा बारिश हुई थी – पूरे 17 इंच से भी ज्यादा! वहीं एक दिन में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 23 जून 2003 का है, जब 24 घंटे में 5 इंच बारिश हुई थी।

    इस बार का मानसून भी उसी तरह की उम्मीदें जगा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार मध्यप्रदेश के कई जिलों में भी अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश देखने को मिलेगी। शहर के कुछ इलाकों में अभी हल्की बूंदाबांदी हो रही है, तो कहीं-कहीं आसमान साफ भी है, लेकिन बादल हर तरफ मंडरा रहे हैं।

    तो तैयार हो जाइए भीगने के लिए…

    अगर आपने अभी तक रेनकोट या छाता नहीं निकाला है तो अब वक्त आ गया है, क्योंकि आने वाले दो दिन बारिश आपकी दिनचर्या का हिस्सा बनने वाली है। मौसम का ये बदला मिजाज न सिर्फ ठंडक लाएगा बल्कि शहर की हरियाली और ताजगी को भी बढ़ा देगा।

    Disclaimer:
    यह लेख मौसम विभाग और पिछले वर्षों के मौसम आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया है। बारिश की वास्तविक स्थिति स्थान और समय के अनुसार बदल सकती है। कृपया स्थानीय मौसम अपडेट्स पर भी ध्यान दें और आवश्यक सावधानियां बरतें।a

  • हनीमून पर पति की हत्या करने वाली अब खतरनाक महिला कैदियों के बीच, 24 घंटे CCTV निगरानी में

    Sonam Raghuvanshi: चर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या का मामला इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में आरोपी बनी उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी और उसका प्रेमी राज कुशवाह अब मेघालय की शिलांग डिस्ट्रिक्ट जेल में हैं। जो कहानी किसी फिल्म जैसी लगती थी, वो अब हकीकत बन चुकी है—और सोनम अब जेल में अपने ही जैसे खतरनाक महिला कैदियों के बीच रह रही है।

    राजा रघुवंशी की हत्या के आरोप में सोनम और राज को पुलिस ने बीते शनिवार कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 13 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद दोनों को शिलांग जिला जेल ले जाया गया। पुलिस की पूछताछ पूरी होने के बाद कोर्ट ने दोनों को जेल भेजने का आदेश दिया। जेल में सोनम की सुरक्षा को लेकर विशेष कदम उठाए गए हैं, क्योंकि उस पर हमले की आशंका जताई गई है। यही कारण है कि जेल प्रशासन ने उसे 24 घंटे CCTV कैमरे की निगरानी में रखा है।

    जेल में सोनम की हालत और सुरक्षा

    सोनम को जेल की उन महिला कैदियों के साथ रखा गया है, जो पहले से ही हत्या जैसे संगीन मामलों में सजा काट रही हैं। उसके साथ एक सीनियर महिला कैदी को निगरानी में लगाया गया है, ताकि वह किसी भी तरह की गंभीर या गलत हरकत न कर सके। जेल में फिलहाल कुल 496 कैदी हैं, जिनमें से केवल 19 महिलाएं हैं। सोनम अब 20वीं महिला कैदी बन चुकी है।

    यहां सोनम को बाकी महिला कैदियों की तरह सिलाई-कढ़ाई या अन्य काम भी करने होंगे। जेल के अंदर की दुनिया उसके लिए एकदम नई है—न कोई रिश्तेदार, न प्रेमी, न पति, बस चारदीवारी और तमाम खतरनाक चेहरों के बीच एक डर और अकेलापन। यही कारण है कि सुरक्षा के लिए उसे बेहद सख्त निगरानी में रखा गया है।

    पहले से तीन आरोपी जेल में

    इस केस में पहले ही तीन आरोपी—विशाल उर्फ विक्की, आकाश और आनंद—को जेल भेजा जा चुका है। इन सभी की भी कड़ी सुरक्षा में निगरानी की जा रही है। पुलिस को शक है कि जेल के अंदर इन आरोपियों पर हमला हो सकता है, इसलिए पूरे परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

    एक हनीमून… जो बना हत्या की साजिश

    जिस सोनम को कभी उसका पति राजा प्यार से मेघालय  ले गया था, उसी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसकी जान ले ली। आज वही सोनम अब ऐसे माहौल में है जहां हर एक कदम पर निगरानी और डर साथ है। हनीमून से शुरू हुआ यह सफर अब जेल की कोठरी में खत्म हो रहा है।

    Disclaimer:
    यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसमें दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों एवं समाचार रिपोर्ट्स पर आधारित है। PravahTimes किसी भी आरोपी को दोषी या निर्दोष घोषित नहीं करता, अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा ही किया जाएगा।

  • इंदौर-जबलपुर फ्लाइट कैंसिल: रनवे पर डेढ़ घंटे बस में बैठे रहे यात्री, एयरपोर्ट पर मचा हंगामा

    इंदौर-जबलपुर फ्लाइट कैंसिल: :सोचिए ज़रा, आप सुबह-सुबह उड़ान भरने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे हों, बोर्डिंग पास मिल गया हो, बस में बैठाकर रनवे तक भी ले जाया गया हो… और फिर अचानक बताया जाए कि आपकी फ्लाइट कैंसिल हो गई है! जी हां, कुछ ऐसा ही हुआ शनिवार सुबह इंदौर एयरपोर्ट पर, जब जबलपुर जाने वाली फ्लाइट को ऐन वक्त पर निरस्त कर दिया गया।

    ये वाकया उन 50 से ज़्यादा यात्रियों के लिए किसी बुरे सपने जैसा रहा, जिन्हें सुबह 6:55 बजे डिपार्चर वाली फ्लाइट में चढ़ना था। यात्रियों को सुबह 7 बजे बोर्डिंग गेट से बस में बैठाकर रनवे पर खड़ा कर दिया गया। सभी को लगा कि अब कुछ ही देर में विमान में प्रवेश मिल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बस वही खड़े-खड़े, यात्री डेढ़ घंटे तक इंतज़ार करते रहे। कुछ लोगों को तो विमान के आसपास काम होता भी नजर आया।

    तकनीकी कारण या बदइंतजामी?

    करीब 8:30 बजे सभी यात्रियों को दोबारा एयरपोर्ट के अराइवल गेट पर ले जाया गया और एक झटके में कहा गया – “फ्लाइट कैंसिल हो गई है।” इससे यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। वे एयरलाइंस के इस बर्ताव से बेहद नाराज़ दिखे। किसी को सही से जानकारी नहीं दी जा रही थी। डॉ. राजेश अग्रवाल, डॉ. अभ्युदय वर्मा और डॉ. प्रदीप मेहता ने बताया कि जब उन्होंने स्टाफ से जानकारी मांगी तो बस इतना जवाब मिला – “अपना लगेज लो और चले जाओ।”

    पहले यात्रियों से कहा गया कि फ्लाइट कुछ देर लेट है, लेकिन बाद में 9 बजे बताया गया कि तकनीकी कारणों से उसे रद्द कर दिया गया है। लेकिन सवाल यह है कि जब विमान में कोई दिक्कत थी तो यात्रियों को बस में बैठाकर रनवे तक क्यों ले जाया गया? क्या ये यात्रियों के समय और धैर्य के साथ खिलवाड़ नहीं है?

    यात्रियों ने जताई नाराज़गी

    हताश और नाराज़ यात्रियों ने इस बदइंतजामी की शिकायत करने की बात कही है। उनका कहना है कि एयरलाइंस की ओर से सही जानकारी नहीं दी गई और न ही वैकल्पिक इंतज़ाम किए गए। डॉ. अग्रवाल ने कहा, “हमारा समय, ऊर्जा और योजना सब चौपट हो गई। सबसे बुरी बात यह थी कि कोई बात करने वाला भी नहीं था। हम जैसे अकेले छोड़ दिए गए।”

    क्या कहना है एयरलाइंस का?

    एयरलाइंस की तरफ से बस एक ही बयान आया – “फ्लाइट तकनीकी कारणों से निरस्त हुई है।” लेकिन यात्रियों को इसका कोई प्रमाण या विस्तार से जानकारी नहीं दी गई। यात्रियों का कहना है कि अगर सही जानकारी समय पर दे दी जाती, तो वे अन्य विकल्पों की तलाश कर सकते थे।

    Disclaimer:
    यह समाचार यात्रियों द्वारा दी गई जानकारी और मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुभवों के आधार पर तैयार किया गया है। एयरलाइंस की आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए, और हम आशा करते हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • इंदौर में फिर बढ़ा कोरोना का खतरा: शुक्रवार को मिले 5 नए मरीज, प्रशासन सतर्क

    इंदौर: एक बार फिर से हम सबको सतर्क रहने की जरूरत है। इंदौर में शुक्रवार को कोरोना के 5 नए मामले सामने आए हैं, जिससे एक बार फिर लोगों के मन में चिंता की लहर दौड़ गई है। ये सभी मरीज इंदौर शहर के ही रहने वाले हैं और इनकी हालत फिलहाल स्थिर है।

    अब तक इंदौर में 137 से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं, जिनमें से 75 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं, लेकिन अभी भी 61 एक्टिव केस मौजूद हैं, जिन्हें होम आइसोलेशन में रखा गया है। राहत की बात ये है कि इन सभी मरीजों में केवल हल्के लक्षण ही पाए गए हैं।

    स्वास्थ्य विभाग इन संक्रमितों की ट्रैवल हिस्ट्री खंगालने में जुटा है और उनके संपर्क में आए लोगों के भी सैंपल लिए जा रहे हैं। इसके साथ ही मरीजों के सैंपल को जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए भोपाल की लैब भेजा गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह नया वेरिएंट है या पुराना ही सक्रिय हो रहा है।

    हालांकि कोरोना से इस साल अब तक तीन महिलाओं की मौत भी हो चुकी है। ये महिलाएं इंदौर, खरगोन और रतलाम की रहने वाली थीं और उन्हें पहले से ही अन्य गंभीर बीमारियां थीं, जो उनकी हालत को और जटिल बना गईं।

    इंदौर में एमवाय अस्पताल और एमआरटीबी अस्पताल में अब भी सरकारी स्तर पर आरटी-पीसीआर जांच की जा रही है। मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हसानी ने बताया कि जिन्हें सर्दी-खांसी, गले में खराश या बुखार जैसे लक्षण हैं, वे बिना किसी झिझक के इन अस्पतालों में जाकर कोरोना की जांच करवा सकते हैं।

    दोस्तों, भले ही कोरोना की लहर उतनी तेज न हो, लेकिन लापरवाही किसी भी वक्त भारी पड़ सकती है। मास्क पहनें, भीड़ से बचें, और यदि ज़रा सा भी अस्वस्थ महसूस हो तो तुरंत जांच कराएं। यही हमारी और हमारे अपनों की सुरक्षा का सबसे आसान तरीका है।

    Disclaimer:
    यह लेख जनहित में स्वास्थ्य जानकारी के रूप में प्रस्तुत किया गया है। कृपया कोरोना से संबंधित किसी भी लक्षण या जानकारी के लिए अधिकृत चिकित्सकीय सलाह जरूर लें। सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अफवाहों से बचें

  • Indore News : महू के पर्यटन स्थलों पर कलेक्टर ने लगाया प्रतिबंध, मानसून में खतरे की चेतावनी

    Indore News : हर साल बारिश के दिनों में कई लोग झरनों की तेज धार और अचानक बढ़े पानी के कारण हादसों का शिकार हो जाते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इंदौर जिले के कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने महू तहसील के अंतर्गत आने वाले कई एकांत और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर आमजन के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

    यह फैसला मानसून में संभावित अतिवृष्टि (भारी वर्षा), पानी का तेज बहाव, और बाढ़ जैसी स्थितियों से लोगों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है।

    अब आप तिंछा फॉल, चोरल फॉल, चोरल डैम, सीतलामाता फॉल, कजलीगढ़, मेहंदी कुंड, जामन्या कुंड, मोहाड़ी फॉल, रतबी वाटरफॉल, लोहिया कुंड, जूनापानी, चिड़िया भड़क, बामनिया कुंड, जोगी भड़क, हत्यारी खो जैसे प्राकृतिक झरनों और पर्यटन स्थलों पर नहीं जा सकेंगे।

    ये सभी स्थान बेहद खूबसूरत हैं, लेकिन मानसून में इनका रूप डरावना हो सकता है। तेज़ पानी का बहाव, अचानक आई बाढ़, फिसलन और रास्तों का बंद होना—ये सब मिलकर किसी भी घूमने वाले को मुश्किल में डाल सकते हैं। प्रशासन का यह कदम आपकी सुरक्षा के लिए उठाया गया है, इसलिए इसे गंभीरता से लें।

    दोस्तों, जिंदगी से बढ़कर कोई रोमांच नहीं होता। थोड़े दिन रुक जाइए, मौसम सामान्य होने दीजिए, फिर निकलिए अपनी ट्रिप पर। लेकिन इस समय प्रशासन का सहयोग करें, और सोशल मीडिया पर भी दूसरों को जागरूक करें।

    Disclaimer:
    यह लेख आपके और आपके प्रियजनों की सुरक्षा के लिए लिखा गया है। कृपया मानसून के दौरान प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करने से बचें। किसी भी जानकारी के लिए जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचना को ही प्रमाण मानें।

  • योग दिवस 2025: इंदौर में राजबाड़ा और गोपुर चौराहे पर होंगे भव्य कार्यक्रम, सिंधिया होंगे शामिल

    योग दिवस 2025:हर साल 21 जून को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अब इंदौर में सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह राजनीति और चर्चा का केंद्र बन गया है। इस बार योग दिवस को लेकर इंदौर में दो बड़े आयोजन हो रहे हैं – एक महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अगुवाई में गोपुर चौराहे पर और दूसरा मप्र शासन के तत्वावधान में ऐतिहासिक राजबाड़ा पर। लेकिन जैसे ही खबर आई कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इस दिन इंदौर आ रहे हैं, पूरा ध्यान राजबाड़ा की ओर खिंच गया है।

    महापौर पुष्यमित्र भार्गव काफी समय से योग दिवस पर एक खास आयोजन की तैयारी कर रहे थे। नगर निगम और बीजेपी के नेता भी इस कार्यक्रम को लेकर गंभीर थे। गोपुर चौराहे पर होने वाले इस आयोजन के लिए तैयारियां जोरों पर थीं और इसे “योग विथ मेयर” नाम दिया गया है। इस कार्यक्रम की खास बात यह थी कि इसमें लोगों को आकर्षित करने के लिए ‘द केरला स्टोरी’ फेम अभिनेत्री अदा शर्मा को बुलाया गया है। कार्यक्रम सुबह 6 बजे से शुरू होना है और यह लोगों के लिए खुला होगा।

    लेकिन जैसे ही यह तय हुआ कि राजबाड़ा में सरकारी आयोजन होगा और उसमें केंद्रीय मंत्री सिंधिया और प्रदेश सरकार के कद्दावर नेता कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल होंगे, पूरा सरकारी अमला उसी दिशा में मुड़ गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संदेश भी इसी कार्यक्रम में दिखाया जाएगा। सीएम का संबोधन सुबह 6:30 से 6:40 के बीच और पीएम का लाइव भाषण सुबह 6:40 से 7 बजे तक होगा।

    अब स्थिति ये है कि महापौर का आयोजन भले ही पहले से तय हो, लेकिन नेताओं, अफसरों और जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता बदल गई है। राजबाड़ा का कार्यक्रम सरकारी है, और इसके लिए जनसंपर्क विभाग ने प्रेस नोट भी जारी कर दिया है, इसलिए सबकी उपस्थिति अब वहीं सुनिश्चित मानी जा रही है।

    इस पूरे घटनाक्रम ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या इंदौर जैसे शहर में एक साथ दो बड़े आयोजन होना जरूरी था? क्या यह आयोजन समन्वय की कमी का परिणाम है? या फिर यह राजनीति का हिस्सा बन गया है, जहां ध्यान उस ओर जाता है जहां ज्यादा कैमरे और नेता होते हैं?

    योग का उद्देश्य तो शरीर और मन की एकता है, लेकिन यहां स्थिति कुछ अलग ही रूप ले रही है। उम्मीद है कि लोग राजनीति से ऊपर उठकर योग के असल उद्देश्य को समझेंगे और कहीं भी योग करें – दिल से करें।

    Disclaimer:यह लेख सूचना के आधार पर तैयार किया गया है, जिसमें विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी को समाहित किया गया है। PravahTimes इसका कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं रखता। योग दिवस से जुड़ा हर आयोजन समाज के हित और स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है,

  • मध्य प्रदेश में OBC आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जल्द सुनवाई का ऐलान

    मध्य प्रदेश के लाखों ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) समुदाय के लोगों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। सालों से जिस आरक्षण को लेकर लड़ाई लड़ी जा रही थी, अब उस पर सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई करने का मन बना लिया है। शुक्रवार को देश की सबसे बड़ी अदालत ने इस मुद्दे को तुरंत सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने इस मामले पर अगले सप्ताह सुनवाई करने पर सहमति जता दी है।

    यह याचिका ओबीसी समाज के कुछ सदस्यों द्वारा दायर की गई है, जिसमें 2019 में मध्य प्रदेश विधानसभा द्वारा पारित उस कानून को लागू करने की मांग की गई है, जिसके तहत ओबीसी आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया गया था। लेकिन अफसोस की बात ये है कि यह कानून अब तक पूरी तरह लागू नहीं हो पाया है।

    सरकार पर सवाल, कानून लटका पड़ा है

    इस मुद्दे की जड़ें 2019 में उस समय की कांग्रेस सरकार के एक बड़े फैसले से जुड़ी हैं। कांग्रेस सरकार ने 8 मार्च 2019 को एक अध्यादेश लाकर नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में ओबीसी आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का ऐलान किया था। लेकिन जब एक एमबीबीएस छात्र ने इसे हाई कोर्ट में चुनौती दी, तो मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मेडिकल पीजी एंट्रेंस परीक्षा में इस अध्यादेश को लागू करने पर रोक लगा दी।

    इसके बाद जुलाई 2019 में राज्य विधानसभा ने अध्यादेश को बदलते हुए बाकायदा कानून बना दिया। लेकिन इसके बावजूद, आज तक राज्य सरकार ने इसे पूरी तरह लागू नहीं किया है। याचिका में दावा किया गया है कि मध्य प्रदेश सरकार केवल कानूनी राय और लंबित मुकदमे का बहाना बनाकर इस कानून को ठंडे बस्ते में डाल रही है।

    आधे से ज्यादा आबादी को सिर्फ 14%?

    याचिकाकर्ताओं ने एक बेहद भावनात्मक और जरूरी सवाल उठाया है – जब मध्य प्रदेश में ओबीसी की आबादी करीब 50 प्रतिशत है, तो उन्हें सिर्फ 14 प्रतिशत आरक्षण क्यों? ये सवाल न केवल सामाजिक न्याय का है, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है।

    याचिका में यह भी कहा गया है कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस कानून को रोकने के लिए कोई औपचारिक अंतरिम आदेश पारित नहीं किया है, बावजूद इसके राज्य सरकार ने इसे लागू करने से परहेज किया। जबकि संवैधानिक सिद्धांत यह कहता है कि जब तक कोर्ट किसी कानून को असंवैधानिक घोषित नहीं करता, तब तक उसे लागू करना अनिवार्य होता है।

    क्या अब न्याय मिलेगा?

    अब जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को गंभीरता से लिया है और जल्द सुनवाई का भरोसा दिया है, ओबीसी समाज को उम्मीद है कि उन्हें वर्षों से मिले अन्याय का जवाब जल्द ही मिलेगा। लाखों युवाओं की आंखों में एक नई उम्मीद जगी है कि शायद अब उन्हें वह हक मिल सकेगा, जो उन्हें संविधान के तहत मिलना चाहिए।

    Disclaimer:
    यह समाचार सामाजिक हित में तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य केवल जानकारी देना है। इसमें दिए गए सभी तथ्यों और बयानों का स्रोत सार्वजनिक रिपोर्ट और याचिका में उल्लेखित जानकारी है। PravahTimes इस पर किसी प्रकार का कानूनी दावा नहीं करता। अदालत द्वारा अंतिम निर्णय ही सर्वमान्य हे

  • MP Board 5वीं और 8वीं री-एग्ज़ाम का रिज़ल्ट आज दोपहर 3 बजे होगा जारी, 2.10 लाख छात्र कर रहे इंतज़ार

    MP Board :मध्य प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं और उनके परिवारों के लिए आज का दिन बेहद अहम होने वाला है। कक्षा 5वीं और 8वीं की री-एग्ज़ाम का परिणाम शुक्रवार 20 जून को दोपहर 3 बजे घोषित किया जाएगा। यह जानकारी राज्य शिक्षा केंद्र (RSKMP) ने गुरुवार देर शाम सार्वजनिक की। परीक्षार्थी अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट rskmp.in/result.aspx पर जाकर देख सकेंगे।

    गौरतलब है कि यह परीक्षा उन छात्रों के लिए आयोजित की गई थी, जो मार्च 2025 में संपन्न मुख्य परीक्षा में सफल नहीं हो सके थे या किसी कारणवश परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो पाए थे। अब उनके लिए यह दूसरा अवसर निर्णायक बनकर सामने आया है।

    2.10 लाख से अधिक छात्रों ने दी थी परीक्षा

    राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, इस री-एग्ज़ाम में कक्षा 5वीं के करीब 86,000 और कक्षा 8वीं के लगभग 1.24 लाख छात्रों ने भाग लिया था। परीक्षा का आयोजन 2 जून से 9 जून 2025 के बिच कई जगहों पर किया गया था . उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य तेजी से किया गया, जिसमें 22,000 से अधिक शिक्षकों को लगाया गया था। मूल्यांकन प्रक्रिया 322 मूल्यांकन केंद्रों पर पूरी की गई।

    वेबसाइट पर ऐसे देखें अपना परिणाम

    रिज़ल्ट देखने के लिए छात्रों को rskmp.in/result.aspx पर जाकर अपनी समग्र ID या रोल नंबर दर्ज करना होगा। कैप्चा कोड भरने के बाद ‘शो’ बटन दबाते ही परिणाम स्क्रीन पर दिखाई देगा। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे रिज़ल्ट की एक प्रति डाउनलोड कर सुरक्षित रखें।

    मुख्य परीक्षा में अधिकतर छात्र हुए थे पास

    मार्च में हुई मुख्य परीक्षा में कक्षा 5वीं के लिए 92.70% और कक्षा 8वीं के लिए 90.02% का पास प्रतिशत दर्ज किया गया था। लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्र री-एग्ज़ाम में बैठे, जिनके लिए यह परिणाम आज घोषित होने वाला है।

    पुनर्मूल्यांकन की सुविधा भी जल्द

    जिन छात्रों को अपने परिणाम में कोई त्रुटि महसूस होती है या जो अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, उनके लिए राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा जल्द ही पुनर्मूल्यांकन या पुनर्गणना की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश आधिकारिक पोर्टल पर जारी किए जाएंगे।

    डिस्क्लेमर:
    यह रिपोर्ट विश्वसनीय मीडिया स्रोतों और राज्य शिक्षा केंद्र (RSKMP) की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। छात्र और अभिभावक अंतिम पुष्टि के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल rskmp.in पर ही भरोसा करें।