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  • दिल्ली बम धमाके में बड़ा खुलासा महू के जवाद सिद्दीकी की गिरफ्तारी और चार मंजिला मकान पर कार्रवाई शुरू

    आज हम आपके लिए एक ऐसी खबर लेकर आए हैं जिसने पूरे मध्यप्रदेश के महू और देश की राजधानी दिल्ली दोनों जगह पर हलचल बढ़ा दी है। दिल्ली में हुए बम धमाके के मामले में जो नई जानकारी सामने आई है उसने कई चौंकाने वाले पहलुओं को उजागर किया है। हर किसी के मन में यही सवाल है कि आखिर कैसे एक नामी यूनिवर्सिटी का मालिक ऐसी घटनाओं से जुड़ सकता है और अब उसके परिवार के महू स्थित मकान पर भी बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है।

    अलफलाह यूनिवर्सिटी का मालिक जवाद सिद्दीकी गिरफ्तार बड़ी साजिश का पर्दाफाश

    दिल्ली में हुए बम धमाके की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ी वैसे वैसे चौंकाने वाली बातें सामने आती गईं। पुलिस जांच में पता चला कि अलफलाह यूनिवर्सिटी के मालिक जवाद सिद्दीकी के यहां दो ऐसे लोग काम करते थे जो दिल्ली बम विस्फोट में शामिल पाए गए। इसी जानकारी के बाद पुलिस टीम ने जवाद को तुरंत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जवाद को दिल्ली से दबोचा गया जबकि उसका भाई हमूद हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया। दोनों भाइयों की गतिविधियों ने पुलिस को लंबे समय से संदेह में डाले रखा था और जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए।

    हमूद पर गंभीर आरोप कई केस दर्ज चिटफंड फ्रॉड में भी था तलाशा जा रहा

    जवाद का भाई हमूद भी महू पुलिस की गिरफ्त में है और उस पर कई गंभीर आरोप हैं। उसके खिलाफ दंगा भड़काने हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी समेत पांच मामले दर्ज हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि चिटफंड कंपनी के नाम पर वह कई परिवारों को पैसा दोगुना करने का झांसा देकर ठग चुका था और पिछले पच्चीस साल से महू पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। दिल्ली बम कांड के मामले में महू कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस ने हमूद को हैदराबाद से गिरफ्तार कर महू उपजेल में बंद कर दिया।

    महू में चार मंजिला पैतृक मकान अवैध निर्माण मिलने पर टूटने की तैयारी तेज

    जवाद और हमूद का महू के मुकेरीपुरा क्षेत्र में चार मंजिला पैतृक मकान है। यह मकान काफी समय से खाली पड़ा था और इसके कुछ हिस्से किराए पर दिए गए थे। जब परिषद ने मकान के नक्शे और रिकॉर्ड की जांच की तब पता चला कि जवाद ने अनुमति के विपरीत कई अवैध हिस्से बनवा दिए थे। इसी कारण महू छावनी परिषद ने नोटिस जारी किया और सिद्दीकी परिवार को तीन दिन का समय दिया कि वे खुद अवैध निर्माण को हटाएं। तय समय सीमा खत्म होने के बाद परिषद खुद अवैध हिस्सों को तोड़ेगी और पूरी रिमूवल राशि भी जवाद और हमूद से वसूल करेगी। परिषद के अधिकारियों ने साफ किया है कि अवैध निर्माण मिलने पर इसे शनिवार को तोड़ा जा सकता है।

    महू और दिल्ली दोनों में बढ़ी हलचल मामला बना चर्चा का विषय

    जैसे ही यह मामला सामने आया वैसे ही स्थानीय लोगों में चर्चा तेज हो गई। कई लोग यह जानकर हैरान हैं कि उनका ही क्षेत्र का एक नामी परिवार इतनी बड़ी वारदात में कैसे शामिल हो सकता है। पुलिस और प्रशासन अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहा है और यह देखने की कोशिश कर रहा है कि कहीं इससे और भी लोग जुड़े तो नहीं हैं। इस घटना से सुरक्षा एजेंसियां भी ज्यादा सतर्क हो गई हैं।

  • rrb group d exam date 2025 admit card : आरआरबी ग्रुप डी नई परीक्षा तिथि और एडमिट कार्ड अपडेट जानें

    rrb group d exam date 2025 admit card: अगर आप आरआरबी ग्रुप डी परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं तो आपके लिए एडमिट कार्ड सबसे जरूरी दस्तावेज है। परीक्षा की पुरानी तारीख स्थगित कर दी गई है और नई परीक्षा तिथि जल्द जारी की जाएगी। ऐसे में उम्मीदवारों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड करें। आज हम आपको सरल और आसान भाषा में पूरा तरीका बता रहे हैं ताकि आपका समय भी बचे और किसी तरह की परेशानी भी न हो।

    एडमिट कार्ड केवल ऑनलाइन उपलब्ध होंगे

    आरआरबी की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि ग्रुप डी सीबीटी परीक्षा के एडमिट कार्ड केवल ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। किसी भी उम्मीदवार को डाक द्वारा या किसी अन्य तरीके से प्रवेश पत्र नहीं मिलेगा। इसलिए सभी अभ्यर्थियों को स्वयं वेबसाइट पर जाकर ही एडमिट कार्ड डाउनलोड करना होगा।

    एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए कन्फर्म वेबसाइट

    आरआरबी ग्रुप डी एडमिट कार्ड डाउनलोड करने का आधिकारिक लिंक rrbcdg.gov.in पर उपलब्ध करवाया जाता है। उम्मीदवारों को केवल इसी वेबसाइट पर भरोसा करना चाहिए और किसी भी फर्जी लिंक या गलत साइट से बचना चाहिए।

    चार आसान स्टेप्स में ऐसे करें एडमिट कार्ड डाउनलोड

    आरआरबी ग्रुप डी एडमिट कार्ड डाउनलोड करना बेहद आसान है और इसे हर उम्मीदवार कुछ ही मिनटों में कर सकता है।

    • जब भी एडमिट कार्ड जारी होंगे तो आपको सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट rrbcdg.gov.in पर जाना होगा।
    • वेबसाइट के होमपेज पर एडमिट कार्ड का एक्टिव लिंक नजर आएगा जिस पर क्लिक करना होगा।
    • इसके बाद आपके सामने लॉग इन पेज खुलेगा जिसमें रजिस्ट्रेशन नंबर पासवर्ड और स्क्रीन पर दिखाई दे रही कैप्चा कोड की जानकारी भरनी होगी।
    • लॉग इन होते ही आपका एडमिट कार्ड आपकी स्क्रीन पर दिखाई देगा जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं और उसका प्रिंट निकालकर सुरक्षित रख सकते हैं।

    परीक्षा पैटर्न पहले जैसा ही रहेगा

    नई परीक्षा तिथि जारी होने के बाद भी परीक्षा पैटर्न में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। प्रश्न पत्र में 100 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे जिनमें गणित के 30 प्रश्न सामान्य बुद्धिमत्ता और तर्क के 30 प्रश्न सामान्य विज्ञान के 25 प्रश्न और सामान्य जागरूकता के 15 प्रश्न शामिल होंगे। अभ्यर्थियों को इन सभी प्रश्नों को हल करने के लिए 90 मिनट का समय मिलेगा।

    सही उत्तर पर एक अंक दिया जाएगा जबकि गलत उत्तर पर एक तिहाई अंक की कटौती होगी।

    सिटी स्लिप जारी की जा चुकी है

    आरआरबी द्वारा सिटी स्लिप पहले ही जारी कर दी गई है जिससे उम्मीदवार यह पता लगा सकते हैं कि उनकी परीक्षा किस शहर में करवाई जाएगी। सिटी स्लिप एडमिट कार्ड नहीं होती लेकिन यह आपके परीक्षा केंद्र की लोकेशन तय करने में बहुत मदद करती है।

  • इंदौर में ट्रेनों का समय बदला 22 नवंबर से यात्रियों पर बड़ा असर पांचवेले हमसफर और जबलपुर एक्सप्रेस का नया टाइम

    इंदौर से रोजाना बड़ी संख्या में लोग देवास उज्जैन नागपुर पुरी और जबलपुर की ओर सफर करते हैं। ऐसे में ट्रेन का समय बदलना आम यात्रियों के लिए काफी मायने रखता है। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने ट्रेनों की समय सारणी में कुछ जरूरी सुधार किए हैं ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके और रेल संचालन और भी सुचारु रहे। आज हम आपको आसान और सरल भाषा में बताने जा रहे हैं कि कौन सी ट्रेन किस समय बदली है और बरेली इंदौर एक्सप्रेस क्यों अपने नियमित रास्ते से नहीं चलेगी।

    इंदौर से चलने वाली तीन ट्रेनों के समय में बदलाव

    रतलाम मंडल ने इंदौर देवास उज्जैन रेलखंड पर ट्रेनों की बेहतर आवाजाही के लिए तीन प्रमुख ट्रेनों के समय में आंशिक परिवर्तन किया है। इन नए समयों को 22 नवंबर 2025 से लागू किया जा रहा है और साप्ताहिक ट्रेन के लिए 25 नवंबर से बदलाव प्रभाव में आएंगे। सबसे पहले बात करते हैं पंचवेली एक्सप्रेस की। यह ट्रेन अब इंदौर से दोपहर 13:15 बजे प्रस्थान करेगी। जो यात्री दोपहर में नागपुर की ओर सफर करते हैं उनके लिए यह बदलाव खास ध्यान देने योग्य है।

    अब बात करते हैं पुरी हमसफर एक्सप्रेस की जो सप्ताह में एक दिन चलती है। यह ट्रेन 25 नवंबर से इंदौर से दोपहर 15:05 बजे रवाना होगी और देवास में इसका आगमन 15:31 बजे तथा प्रस्थान 15:33 बजे दर्ज किया गया है। वहीं जबलपुर एक्सप्रेस भी 22 नवंबर से नए समय पर चलेगी। यह ट्रेन अब शाम 19:35 बजे इंदौर से निकलकर देवास में 20:01 बजे पहुंचेगी और 20:03 बजे आगे बढ़ेगी। इन सारे बदलावों का उद्देश्य ट्रैकों पर भीड़ कम करना और यात्री समय में सुधार करना है।

    झांसी में निर्माण कार्य का असर बरेली इंदौर एक्सप्रेस बदले मार्ग से चलेगी

    उत्तर मध्य रेलवे के झांसी स्टेशन पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। प्लेटफॉर्म क्रमांक 3 पर नया बैलास्टलेस ट्रैक बिछाया जा रहा है जिसके लिए ट्रैफिक ब्लॉक लगाया गया है। इस ब्लॉक का सीधा असर बरेली इंदौर एक्सप्रेस पर पड़ा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह ट्रेन निर्धारित अवधि के दौरान झांसी स्टेशन से नहीं गुजरेगी। इसका अर्थ है कि दोनों शहरों के बीच सफर करने वाले यात्रियों को थोड़ा असुविधाजनक समय झेलना पड़ेगा।

    ट्रेन का मार्ग भी बदल दिया गया है। बरेली इंदौर एक्सप्रेस 26 नवंबर 2025 से लेकर 7 जनवरी 2026 तक अपने नियमित रूट ग्वालियर झांसी बीना के बजाय ग्वालियर गुना बीना रास्ते से चलाई जाएगी। हालांकि यह बदलाव अस्थायी है और निर्माण कार्य पूरा होते ही ट्रेन अपने पुराने मार्ग पर वापस लौट आएगी। फिर भी इन दिनों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह जानकारी काफी जरूरी है ताकि वे अपनी यात्रा के समय और स्टेशन के हिसाब से पहले से तैयारी कर सकें।

    यात्रियों को थोड़ी असुविधा लेकिन जरूरी सुधार भी साथ

    हालांकि समय में बदलाव या मार्ग परिवर्तन हमेशा यात्रा में कुछ असहजता पैदा करते हैं लेकिन रेलवे के अनुसार ये सुधार आगे की सुविधा के लिए बेहद आवश्यक हैं। प्लेटफॉर्म तैयार होने के बाद झांसी की ओर आने जाने वाली ट्रेनों की स्पीड और संचालन पहले से बेहतर हो जाएगा जिससे यात्रियों को भविष्य में समय की बचत होगी। वहीं इंदौर से चलने वाली ट्रेनों के बदले हुए समय से भी स्टेशनों पर भीड़ कम होगी और ट्रेनों का संचालन अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।

  • PM Kisan 21वीं किस्त आज जारी किसानों में खुशियों की लहर रबी सीजन से पहले मिलेगा बड़ा फायदा

    PM Kisan 21वीं किस्त : किसानों के लिए आज का दिन खुशियों से भरा है क्योंकि केंद्र सरकार की सबसे लोकप्रिय योजना पीएम किसान सम्मान निधि एक बार फिर लाखों परिवारों को आर्थिक सहारा देने जा रही है। खेती के बढ़ते खर्चों और रबी सीजन की तैयारियों के बीच यह राशि किसानों के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार आज 19 नवंबर को सरकार 21वीं किस्त जारी करने जा रही है जिसका देशभर के करोड़ों किसानों को बेसब्री से इंतजार था।

    देशभर के 9 करोड़ से ज्यादा किसानों को आज मिलेगा पैसा

    केंद्र सरकार ने जानकारी दी है कि आज 9 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में एक साथ 21वीं किस्त भेजी जाएगी। इस बार कुल 18 हजार करोड़ रुपये की भारी राशि किसानों तक पहुंचाई जाएगी जो उनके खेती से जुड़े खर्चों को कम करने में बड़ी मदद करेगी। मध्यप्रदेश के किसानों को भी इस राशि का सीधा लाभ मिलेगा जिससे खाद बीज सिंचाई और रबी फसल की तैयारी में आर्थिक मजबूती मिल सकेगी।

    पिछली बार अगस्त में आई थी 20वीं किस्त

    सरकार ने 20वीं किस्त 2 अगस्त को जारी की थी जिसके बाद तीन महीने का समय पूरा होने पर अब नई किस्त जारी की जा रही है। पीएम किसान योजना के तहत हर वर्ष किसानों को 6000 रुपये दिए जाते हैं जो तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजे जाते हैं। हर चार महीने में मिलने वाली इस राशि का किसानों को पूरे साल भर इंतजार रहता है क्योंकि यह छोटी मगर बेहद महत्वपूर्ण आर्थिक मदद होती है।

    कौन ले सकता है पीएम किसान योजना का लाभ

    पीएम किसान सम्मान निधि योजना उन किसानों के लिए बनाई गई है जिन्हें खेती के खर्चों में सहारा देने की जरूरत होती है। इस योजना का लाभ वही किसान ले सकते हैं जो तय मानकों को पूरा करते हैं। आवेदक का अपने राज्य का स्थायी निवासी होना जरूरी है और उसके पास कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए। इस योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलता है जिनके पास दो हेक्टेयर या उससे कम कृषि भूमि होती है।

    किसान के पास आधार कार्ड होना अनिवार्य है ताकि उसकी पहचान की सही तरीके से पुष्टि हो सके। बैंक खाता होना भी जरूरी है क्योंकि किस्त सीधे खाते में भेजी जाती है। इसके साथ ही किसान के पास फार्मर आईडी होना आवश्यक माना गया है ताकि उसे योजना में सही तरीके से शामिल किया जा सके। इन सभी योग्यताओं को पूरा करने वाले किसानों को हर वर्ष केंद्र सरकार की ओर से आर्थिक सहारा मिलता है जिससे वे खेती की तैयारी और अन्य खर्चों को आसानी से संभाल सकें।

    किसानों के लिए क्यों खास है यह किस्त

    त्योहारी मौसम के बाद और रबी फसल की शुरुआत से पहले यह किस्त किसानों के लिए नई ऊर्जा लेकर आती है। इस समय खेतों में तैयारी का खर्च बढ़ जाता है और कई बार किसानों को आर्थिक दबाव भी झेलना पड़ता है। ऐसे में पीएम किसान योजना के तहत मिलने वाला पैसा उनकी जरूरतों को पूरा करने में बड़ा सहारा साबित होता है।

    पीएम किसान सम्मान निधि योजना ने अब तक करोड़ों किसानों को राहत दी है और आज जारी होने वाली 21वीं किस्त भी किसानों के जीवन में खुशियां भरने वाली है। यह राशि छोटे और मझोले किसानों के लिए एक सुरक्षित सहारा बन चुकी है जो उनकी खेती और रोजमर्रा के खर्चों को संभालने में मदद करती है।

  • PM श्री हेलिकॉप्टर सेवा से महाकाल और ओंकारेश्वर के दर्शन अब सिर्फ तीन घंटे में शुरू हुई मध्य प्रदेश सरकार की बड़ी सुविधा

    महाकाल और ओंकारेश्वर: आज आपके लिए एक बेहद खुशखबरी लेकर आए हैं। मध्य प्रदेश सरकार शिव भक्तों के लिए ऐसी अनोखी सुविधा शुरू करने जा रही है जो उनकी यात्रा को बहुत आसान और तेज बना देगी। अब भक्त सिर्फ तीन घंटे में उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर और ओंकारेश्वर के ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर पाएंगे। यह सुविधा खासतौर पर उन श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित होगी जो लंबी यात्रा नहीं कर पाते या सीमित समय में दोनों ज्योतिर्लिंगों के दर्शन की इच्छा रखते हैं। नई सेवा से देश और विदेश से आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों को भी बड़ी राहत मिलने वाली है।

    पीएम श्री हेलिकॉप्टर सेवा से बदल जाएगा धार्मिक पर्यटन का अनुभव

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव लंबे समय से पर्यटन को सुविधाजनक और आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसी प्रयास का परिणाम है पीएम श्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा। पहले चरण में 20 नवंबर से इंदौर उज्जैन ओंकारेश्वर के बीच हवाई सेवा शुरू की जा रही है। हालांकि पहले दिन केवल इंदौर से उज्जैन तक उड़ान चलेगी। इसके बाद धीरे धीरे तीनों शहरों के बीच उड़ानें नियमित रूप से शुरू हो जाएंगी।

    यह सेवा सप्ताह में पांच दिन उपलब्ध रहेगी। बुधवार और गुरुवार को उड़ानें नहीं चलेंगी ताकि मेंटेनेंस और संचालन से जुड़ी प्रक्रियाएं सुचारू रूप से पूरी की जा सकें। हेलिकॉप्टर छह सीटर होगा और किराया पांच हजार से छह हजार पांच सौ रुपये के बीच रहेगा जो यात्रा सेक्टर के अनुसार तय होगा। इस सेवा के माध्यम से श्रद्धालु बेहद कम समय में तीर्थस्थलों के दर्शन कर सकेंगे जिससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।

    घर बैठे कर सकेंगे ऑनलाइन टिकट बुकिंग

    सरकार ने टिकट बुकिंग को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। किसी कार्यालय में जाने की जरूरत नहीं होगी। श्रद्धालु घर बैठे ही फ्लाइट टाइमिंग चेक कर सकते हैं और टिकट बुक कर सकते हैं। इसके लिए दो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं जहां यात्रा से जुड़ी सभी जानकारी आसानी से मिल जाती है। यह सुविधा उन लोगों के लिए बहुत आरामदायक है जो दूरदराज से आते हैं या पहले से अपनी यात्रा की योजना बनाना चाहते हैं।

    सेवा संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी उज्जैन हेलीपैड को मंजूरी

    हेलिकॉप्टर सेवा के सुचारू संचालन के लिए प्रशासन ने सभी जरूरी इंतजाम कर लिए हैं। उज्जैन के कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने बताया कि उज्जैन पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। उनके अनुसार अब श्रद्धालु न्यूनतम समय में इंदौर उज्जैन और ओंकारेश्वर पहुंच सकेंगे। इससे धार्मिक पर्यटन को बड़ी मजबूती मिलेगी और यहां आने वाले भक्तों की संख्या में वृद्धि होगी। सरकार का यह कदम मध्य प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला साबित हो सकता है

  • RRB Group D Exam City Slip 2025 जारी रेलवे ने बदला एग्जाम शेड्यूल और दिया बड़ा अपडेट

    आज हम आपके लिए एक ऐसी जानकारी लेकर आए हैं जिसका इंतजार लाखों अभ्यर्थी कर रहे थे। आरआरबी की ओर से ग्रुप D भर्ती परीक्षा के लिए एग्जाम सिटी स्लिप जारी कर दी गई है और अब हर उम्मीदवार अपनी परीक्षा सिटी आसानी से देख सकता है। यह अपडेट आपके एग्जाम प्लान को और भी मजबूत बना देगा क्योंकि परीक्षा केंद्र की जानकारी मिलते ही आपकी तैयारी एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती है।

    आरआरबी ने जारी की ग्रुप D एग्जाम सिटी स्लिप

    रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड ने ग्रुप D भर्ती CBT परीक्षा के लिए एग्जाम सिटी स्लिप को डाउनलोड के लिए उपलब्ध करा दिया है। अभ्यर्थी इस पेज पर दिए गए डायरेक्ट लिंक या फिर आरआरबी चंडीगढ़ की आधिकारिक वेबसाइट rrbcdg.gov.in पर जाकर अपनी सिटी इंटीमेशन स्लिप डाउनलोड कर सकते हैं। आवेदन करने वाले सभी उम्मीदवार अब अपनी लॉग इन डिटेल डालकर तुरंत ही यह जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। परीक्षा से पहले यह सबसे जरूरी दस्तावेज माना जाता है क्योंकि इसी से आपके परीक्षा केंद्र की लोकेशन कन्फर्म होती है।

    कब शुरू होगी परीक्षा

    आरआरबी द्वारा दी गई ताजा जानकारी के अनुसार ग्रुप D भर्ती परीक्षा 27 नवंबर 2025 से शुरू होकर 16 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी। पहले परीक्षा 17 नवंबर से शुरू होने वाली थी लेकिन अब नई तिथि जारी की गई है। यह बदलाव अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है और नए शेड्यूल के अनुसार अपनी तैयारी को सेट करना बेहद जरूरी है।

    कैसे डाउनलोड करें एग्जाम सिटी स्लिप

    आरआरबी ग्रुप D एग्जाम सिटी स्लिप डाउनलोड करना बहुत आसान है। इसके लिए आपको सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट rrbcdg.gov.in पर जाना होगा। वहां होम पेज पर आपको सिटी इंटीमेशन स्लिप का एक्टिव लिंक दिखाई देगा। लिंक पर क्लिक करने के बाद आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर पासवर्ड और कैप्चा भरकर लॉग इन करना होगा। लॉग इन करने के बाद आपकी सिटी स्लिप स्क्रीन पर दिखाई देगी जिसे आप डाउनलोड करके सुरक्षित रख सकते हैं। आगे एडमिट कार्ड परीक्षा से चार दिन पहले जारी किए जाएंगे इसलिए अभी सिटी स्लिप को डाउनलोड कर लेना बहुत जरूरी है।

    दोस्तों आरआरबी की इस बड़ी अपडेट से अभ्यर्थियों में नई ऊर्जा आई है। परीक्षा केंद्र की जानकारी मिलते ही तैयारी का फोकस और भी साफ हो जाता है। अगर आपने अभी तक अपनी सिटी स्लिप डाउनलोड नहीं की है तो तुरंत वेबसाइट पर जाकर इसे डाउनलोड करें और अपनी तैयारी को सही दिशा दें।

  • PM MODI NEWS: तमिलनाडु में बढ़ा तनाव पीएम मोदी को मिली जान से मारने की धमकी से मचा हंगामा

    तमिलनाडु की राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तमिलनाडु दौरे से पहले वहां की सत्ताधारी पार्टी डीएमके के एक नेता द्वारा पीएम मोदी को दी गई जान से मारने की धमकी ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है। इस पूरे मामले ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं और राज्य के राजनीतिक वातावरण में नई हलचल शुरू हो गई है।

    धमकी वाला वीडियो सामने आते ही बढ़ा विवाद

    घटना तब सामने आई जब डीएमके दक्षिण ज़िला सचिव जयपालन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। यह वीडियो तेनकासी जिले में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम का बताया जा रहा है। इस दौरान जयपालन ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी को परोक्ष रूप से जान से मारने की धमकी वाली बातें कहीं। उन्होंने पीएम मोदी की तुलना नरकासुर से करते हुए विवादित टिप्पणी की जिससे पूरे राजनीतिक गलियारे में खलबली मच गई।

    डीएमके नेता का यह बयान आते ही बीजेपी तमिलनाडु ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नयनार नागेन्द्रन ने वीडियो शेयर करते हुए तुरंत कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि देश के प्रधानमंत्री को इस तरह की धमकी देना कानून और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है और यह किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है।

    बीजेपी की कड़ी प्रतिक्रिया

    बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इतने बड़े पद पर आसीन नेता को खुले मंच पर ऐसी धमकी देना लोकतंत्र और राजनीतिक मर्यादाओं का अपमान है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्यक्रम में मौजूद सांसद और विधायक ने इस बयान को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया जिससे यह साबित होता है कि पार्टी के भीतर हिंसक सोच को बढ़ावा दिया जा रहा है। बीजेपी ने डीएमके सरकार से मांग की है कि जयपालन को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और सख्त कार्रवाई की जाए।

    पीएम मोदी का दक्षिण भारत दौरा

    इस विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के दौरे पर रहने वाले हैं। पीएम मोदी सबसे पहले आंध्र प्रदेश के पुट्टापार्थी में सत्य साईं बाबा के पवित्र स्थान पर जाएंगे। इसके बाद वे तमिलनाडु के कोयंबटूर में होने वाले दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त किसानों को जारी की जाएगी।

    तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ती तीखी बयानबाजी

    यह घटना तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ती कटुता और तीखी बयानबाजी का नया उदाहरण है। ऐसे माहौल में आम जनता के मन में भी असुरक्षा और असहजता बढ़ती दिख रही है। प्रधानमंत्री जैसे पद पर बैठे व्यक्ति को खुली धमकी मिलना देश की लोकतांत्रिक संवेदनाओं को झकझोर देने वाला मामला है। अब सबकी नजर राज्य सरकार की कार्रवाई पर है कि इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं।

    तमिलनाडु में पीएम मोदी को मिली धमकी ने पूरे देश में एक नई बहस छेड़ दी है। राजनीति में मतभेद होना स्वाभाविक है लेकिन किसी भी नेता के खिलाफ हिंसा या धमकी की भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती है। इस मामले में आने वाले कदम यह तय करेंगे कि राज्य में कानून व्यवस्था कितनी मजबूत है।

  • गेहूं की फसल में बढ़ती खरपतवार की समस्या इस तरह करें शुरुआती दिनों में पूरा नियंत्रण

    गेहूं की फसल : रबी सीजन की बोनी के साथ ही खेतों में काम तेजी से बढ़ जाता है। गेहूं की फसल बोने से लेकर शुरुआती दिनों की देखभाल तक किसानों की जिम्मेदारियां कई गुना बढ़ जाती हैं। इसी समय अनचाही घास भी तेजी से बढ़ने लगती है जो गेहूं के पौधों के साथ सीधी प्रतिस्पर्धा करती है। यह मिट्टी में डाला गया खाद और पानी सोख लेती है जिससे फसल कमजोर होने लगती है और उत्पादन पर गंभीर असर पड़ता है। खेती में मेहनत और खर्च करने के बावजूद जब पैदावार उम्मीद के अनुसार नहीं मिलती है तो किसानों की सबसे बड़ी चिंता यही रहती है कि आखिर गलती कहां हो रही है।

    शुरुआती 30 दिनों में नियंत्रण जरूरी

    खरपतवार नियंत्रण का सबसे महत्वपूर्ण समय बोनी के शुरुआती तीस दिन होते हैं। यदि इस अवधि में अनचाही घास को काबू में नहीं किया गया तो पूरी फसल की बढ़वार थम सकती है। गेहूं के पौधे कमजोर पड़ जाते हैं और उत्पादन में सीधा नुकसान होता है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि शुरुआती चरण में खरपतवार सफाई समय पर कर दी जाए तो पैदावार में लगभग बीस से तीस प्रतिशत तक की वृद्धि संभव है। यही वजह है कि खेती की सफलता का पहला कदम खरपतवार नियंत्रण ही माना जाता है।

    रासायनिक और यांत्रिक तरीकों का उपयोग

    खरपतवार हटाने के दो प्रमुख तरीके हैं। पहला तरीका रासायनिक विधि है जिसमें विशेष दवाओं का छिड़काव किया जाता है। हालांकि कई बार यह दवाएं फसल को भी प्रभावित कर देती हैं इसलिए सावधानी आवश्यक होती है। दूसरा तरीका यांत्रिक नियंत्रण है जिसमें पुराने समय से हंसिया और खुरपी जैसे औजारों का उपयोग होता आ रहा है। यह तरीका प्रभावी तो है लेकिन समय अधिक लेता है और इसमें बहुत मेहनत भी लग जाती है। बड़े खेतों में इस विधि से काम करना और भी कठिन होता है।

    पॉवर वीडर कैसे बदल रहा है खेती का तरीका

    किसानों की इन चुनौतियों को देखते हुए पॉवर वीडर खेती में सबसे बड़ी मदद बनकर सामने आया है। यह मशीन गेहूं की फसल में खरपतवार हटाने और मिट्टी को भुरभुरी करने में बेहद उपयोगी मानी जाती है। मिट्टी में हवा का संचार बढ़ने से पौधों की जड़ों को पोषक तत्व आसानी से मिलते हैं। इससे फसल की बढ़वार तेज होती है और उत्पादन बढ़ता है। पॉवर वीडर से समय श्रम और खर्च तीनों की बचत होती है। इसके अतिरिक्त इसमें कई तरह के अटैचमेंट लगाकर हल्की जुताई और छोटे कृषि कार्य भी किए जा सकते हैं।

    दो मॉडल उपलब्ध किसानों को मिल रहा विकल्प

    पॉवर वीडर दो प्रमुख मॉडलों में उपलब्ध है। पहला राइड ऑन मॉडल जिसमें किसान मशीन पर बैठकर काम कर सकता है। दूसरा वॉक बिहाइंड मॉडल जिसमें किसान मशीन को पीछे से नियंत्रित करता है। छोटे किसानों के लिए वॉक बिहाइंड मॉडल सबसे सुविधाजनक माना जाता है जबकि बड़े खेतों वाले किसान राइड ऑन मॉडल को प्राथमिकता देते हैं। इन दोनों मॉडलों की मांग तेजी से बढ़ रही है क्योंकि प्रदर्शन और सुविधा दोनों ही बेहतरीन हैं।

    क्षमता कीमत और सब्सिडी की पूरी जानकारी

    पॉवर वीडर पांच एचपी से बारह एचपी तक की क्षमता में आता है। पांच एचपी की मशीन एक घंटे में लगभग आधा से दो एकड़ तक खरपतवार साफ कर सकती है। बाजार में इसकी कीमत पच्चीस हजार से एक लाख रुपये तक होती है। सरकार किसानों को इस मशीन पर कुल पचास प्रतिशत तक की सब्सिडी दे रही है। इसमें चालीस प्रतिशत केंद्र और दस प्रतिशत राज्य सरकार का हिस्सा है। इसके लिए ई कृषि अनुदान पोर्टल mpdeg.org पर आवेदन किया जा सकता है। आवेदन के लिए आधार कार्ड पैन कार्ड बी 1 और लिंक मोबाइल नंबर जरूरी दस्तावेज होते हैं। यह अनुदान एसएमएएम योजना के अंतर्गत दिया जाता है।

    बागवानी में भी पॉवर वीडर की बड़ी उपयोगिता

    पॉवर वीडर सिर्फ फसली खेतों में ही नहीं बल्कि बागवानी में भी बेहद उपयोगी साबित हो रहा है। बागों में बड़े पेड़ों के बीच की खाली जमीन में घास तेजी से फैल जाती है जिसे हाथ से हटाना मुश्किल होता है। यह मशीन उस घास को आसानी से साफ कर देती है और साथ ही मिट्टी को ढीला करके फसल के लिए लाभदायक वातावरण तैयार करती है। इससे बागवानी की उत्पादकता भी बढ़ जाती है।

  • पालक की खेती से बनेगा बड़ा मुनाफा इस सीजन में तैयार करें कम खर्च में भरपूर फसल

    आज हम बात कर रहे हैं पालक की खेती के बारे में जो ठंड के मौसम में किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होती है। पालक एक ऐसी हरी भाजी है जिसकी मांग पूरे साल बनी रहती है लेकिन सर्दी आते ही इसका रेट और भी बढ़ जाता है। सबसे खास बात यह है कि पालक की फसल कम समय में तैयार हो जाती है और कम लागत में अच्छा मुनाफा देती है इसलिए कई किसान इसे सीजन की सबसे आसान और ज्यादा फायदेमंद फसल मानते हैं।

    ठंड के मौसम में बढ़ती है पालक की मांग

    जैसे ही ठंड शुरू होती है हरी सब्जियों का बाजार तेज हो जाता है और पालक भाजी की मांग अचानक बढ़ जाती है। लोग इसे खाने में खूब पसंद करते हैं क्योंकि यह शरीर को ताकत देती है और ठंड में सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है। इसी वजह से बाजार में इसकी कीमत अच्छी मिलती है और किसान बहुत जल्दी बढ़िया कमाई कर लेते हैं। इस समय पालक भाजी का रेट तीस से चालीस रुपए किलो तक मिल रहा है जो कम समय की फसल के हिसाब से बेहद बढ़िया माना जाता है।

    कम देखभाल में तैयार होती है पालक की फसल

    पालक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती है। ठंड के मौसम में फसल पर बीमारियों का प्रकोप भी कम रहता है जिससे खर्च भी कम आता है और फायदा ज्यादा मिलता है। खेत की दो बार जुताई करने के बाद मिट्टी को भुरभुरी बनाना बहुत जरूरी है क्योंकि इससे पालक के बीज अच्छी तरह जमते हैं। इसके बाद खेत में बेड बनाकर गोबर खाद के साथ बीज बो दिए जाएं तो अंकुरण अच्छा मिलता है और फसल तेजी से बढ़ती है।

    पोषक खाद से बढ़ता है उत्पादन

    अगर किसान चाहते हैं कि उत्पादन ज्यादा मिले तो गोबर खाद के साथ थोड़ी मात्रा में DAP और यूरिया का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे पत्तियां चौड़ी होती हैं और प्रति कटाई वजन अधिक मिलता है। समय पर सिंचाई करने से फसल बहुत तेजी से बढ़ती है और लगभग एक महीने में हरी ताजी पालक बाजार के लिए तैयार हो जाती है।

    कौन सी बीमारी से रहे सावधान

    पालक में आमतौर पर तना छेदक बीमारी देखने को मिलती है जिससे पत्तियां खराब होने लगती हैं। इसलिए जरूरत पड़ने पर उचित दवा का छिड़काव करना जरूरी है जिससे फसल सुरक्षित रहे और पूरा उत्पादन मिल सके। अगर किसान हाईटेक विधि का उपयोग करते हैं तो उत्पादन और भी बढ़ जाता है जिससे कम समय में बड़ा मुनाफा मिल सकता है।

    कम लागत में ज्यादा मुनाफा

    पालक भाजी की खेती में खर्च बहुत कम आता है और मुनाफा कई गुना तक बढ़ जाता है। एक छोटे से खेत में भी किसान अच्छी आमदनी ले सकते हैं क्योंकि यह भाजी बाजार में बहुत जल्दी बिक जाती है। सिर्फ तीस दिनों में तैयार होने वाली यह फसल किसानों के लिए कम समय में लाभ कमाने का बेहतर विकल्प बन चुकी है।

  • अल फला‍ह यूनिवर्सिटी मालिक के भाई की गिरफ्तारी दो दशक पुराना ठगी कांड फिर चर्चा में

    महू में लगभग पच्चीस साल से चल रहे एक बड़े ठगी कांड में आखिरकार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अल फला‍ह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद सिद्दीकी के भाई हमूद सिद्दीकी को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया गया है। यह व्यक्ति दो दशकों से फरार था और पुलिस को लगातार इसकी तलाश थी। उसकी गिरफ्तारी के बाद लोगों में पुराने मामले को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।

    दिल्ली धमाकों के बाद बढ़ी निगरानी और फिर सामने आया पुराना कांड

    पिछले दिनों दिल्ली धमाकों के बाद जब अल फला‍ह यूनिवर्सिटी चर्चा में आई तो सुरक्षा एजेंसियों ने चेयरमैन जवाद सिद्दीकी के बैकग्राउंड की गहराई से जांच शुरू की। इसी दौरान पता चला कि जवाद का परिवार महू से जुड़ा है और उसका भाई हमूद यहां के साल 2000 के एक बड़े ठगी कांड में आरोपी है। यह जानकारी मिलते ही महू पुलिस ने उसकी पुरानी फाइलें खंगालनी शुरू कीं। जांच में सामने आया कि साल 2000 की ठगी के बाद पूरा परिवार अचानक महू से गायब हो गया था और इसका कोई सुराग नहीं मिल पाया था।

    कैसे की गई थी ठगी सेना के जवान और सरकारी कर्मचारी बने थे निशाना

    पुलिस जांच के अनुसार हमूद सिद्दीकी ने साल 2000 में अल फहद नाम से एक निजी बैंक बनाया था। इस बैंक में लोगों को दोगुनी रकम लौटाने का लालच दिया गया था। उसके निशाने पर खासतौर से सेना के सेवानिवृत्त जवान एमईएस कर्मचारी और अन्य सरकारी कर्मचारी थे। सैकड़ों लोगों की गाढ़ी कमाई जमा करवाकर वह परिवार सहित भाग गया था। लोगों ने भरोसा इसलिए भी किया था क्योंकि इनके पिता शहर काजी थे और परिवार की प्रतिष्ठा काफी अच्छी मानी जाती थी।

    हैदराबाद में शेयर ट्रेडिंग कर रहा था आरोपी पुलिस को मिली बड़ी सफलता

    पुलिस के अनुसार हमूद लंबे समय से हैदराबाद में रह रहा था और शेयर ट्रेडिंग का काम कर रहा था। पुलिस यह भी पता कर रही है कि फरारी के दौरान उसकी गतिविधियां क्या थीं और वह किन लोगों के संपर्क में था। रविवार शाम पुलिस टीम ने हैदराबाद से उसे हिरासत में लिया और महू लेकर आई। अदालत में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गिरफ्तारी के बाद अब जांच फिर से तेज हो गई है।

    भव्य जीवनशैली छोड़कर रातों रात हुआ था फरार शहर में थी बड़ी पहचान

    स्थानीय लोगों के मुताबिक जवाद सिद्दीकी तीन भाइयों में से एक है और इनके पिता शहर काजी के पद पर रहे थे। उनके परिवार की प्रतिष्ठा के कारण लोगों ने बिना शक के उनके बैंक में निवेश किया। लेकिन जब रकम वापस नहीं मिली तो दोनों भाई जवाद और हमूद रातों रात शहर छोड़कर फरार हो गए। जवाद सिद्दीकी अल फला‍ह बैंक मामले में छह साल जेल में भी रह चुका है जबकि हमूद सिद्दीकी दो दशक तक फरार रहने के बाद अब पकड़ा गया है