Barwani Village Training Program| बड़वानी में बड़ा कदम: गांव बदलने की नई तैयारी शुरू, युवाओं को मिला खास ट्रेनिंग का मौका

Barwani Village Training Program

Barwani Village Training Program| बड़वानी में आज कुछ ऐसा हुआ जिसने गांव की तस्वीर बदलने की उम्मीद जगा दी। ग्राम बोरलाय में एक खास प्रशिक्षण कार्यक्रम ने लोगों के बीच नई सोच और नई ऊर्जा भर दी। गांव के विकास को लेकर जो बातें अक्सर सिर्फ कागजों में रह जाती हैं आज उन्हें जमीन पर उतारने की तैयारी दिखाई दी।

बोरलाय गांव में विकास की नई शुरुआत

बड़वानी जिले के ग्राम (Barwani Village Training Program) बोरलाय में मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद और नवांकुर संस्था के सहयोग से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में ग्राम प्रस्फुटन समिति के सदस्यों को खास तौर पर तैयार किया गया ताकि वे गांव के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

यह आयोजन सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था बल्कि इसमें शामिल लोगों को वास्तविक जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया गया। गांव के लोग अब सिर्फ दर्शक नहीं बल्कि बदलाव के भागीदार बनने जा रहे हैं।

परिषद की भूमिका को समझाया गया

प्रशिक्षण के दौरान मुख्य वक्ता दूधलाल जी ने परिषद की कार्यप्रणाली को बहुत सरल तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि कैसे परिषद गांवों में जागरूकता बढ़ाकर समाज को मजबूत बनाती है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर गांव मजबूत होगा तो पूरा समाज अपने आप मजबूत हो जाएगा। बड़वानी Barwani Village Training Program जैसे क्षेत्रों में इस तरह के प्रयास बहुत जरूरी हैं जहां अभी भी विकास की कई संभावनाएं बाकी हैं।

गांव और पर्यावरण के बीच संतुलन की सीख

कार्यक्रम में संतोष यादव ने ग्राम विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की जरूरत को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि अगर विकास करना है तो प्रकृति को साथ लेकर चलना होगा।

बड़वानी के ग्रामीण  Barwani Village Training Program इलाकों में यह समझ बहुत जरूरी है क्योंकि यहां खेती और प्रकृति दोनों ही जीवन का आधार हैं। सामाजिक समरसता और आत्मनिर्भर गांव की अवधारणा को भी उन्होंने बेहद आसान भाषा में रखा।

संस्था बनाने से लेकर संचालन तक की जानकारी

उदेराम ठाकुर ने लोगों को बताया कि एक मजबूत संस्था कैसे बनाई जाती है और उसका उद्देश्य क्या होना चाहिए। उन्होंने NGO के गठन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया ताकि गांव के लोग खुद की संस्था बनाकर अपने क्षेत्र में काम कर सकें।

इसके बाद राजेंद्र देवड़े ने समिति के संचालन से जुड़े जरूरी पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे प्रतिवेदन तैयार किया जाता है और लेखा जोखा सही तरीके से रखा जाता है ताकि काम पारदर्शी रहे।

आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा संदेश

कार्यक्रम के अंतिम चरण में सुरेश मुकाती ने आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक गांव खुद अपने पैरों पर खड़ा नहीं होगा तब तक असली विकास संभव नहीं है। Barwani Village Training Program

प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिए गए जिससे उनमें आत्मविश्वास और जिम्मेदारी दोनों बढ़े। बड़वानी के इस छोटे से गांव में हुआ यह आयोजन अब बड़े बदलाव की शुरुआत बन सकता है।

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