एमपी में पेट्रोल डीजल गैस को लेकर बड़ा फैसला मोहन यादव सरकार ने बनाई उच्च स्तरीय समिति जनता के लिए आया बड़ा अपडेट

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mp petrol diesel news|आज हम आपको मध्यप्रदेश से जुड़ी एक अहम खबर बताने जा रहे हैं जो सीधे आम लोगों की जरूरतों से जुड़ी हुई है। राज्य में पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में हालात पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं ताकि कहीं भी घबराहट का माहौल न बने और लोगों को जरूरी चीजों की सप्लाई लगातार मिलती रहे।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिए सख्त निर्देश

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक के दौरान साफ निर्देश दिए कि राज्य के हर जिले में पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने सभी मंत्रियों से कहा कि वे अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर हालात की समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी जगह पर घबराहट या अफवाह का माहौल पैदा न हो।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पेट्रोल डीजल और गैस जैसी जरूरी चीजें आम लोगों की दैनिक जरूरत का हिस्सा हैं इसलिए इनकी आपूर्ति में किसी भी तरह की रुकावट नहीं आनी चाहिए। राज्य सरकार इस पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाए जाएंगे।

पेट्रोल डीजल और गैस की सप्लाई पर बनी रहेगी नजर

राज्य सरकार ने पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की सप्लाई को लेकर केंद्र सरकार और आयल कंपनियों के साथ समन्वय बनाए रखने का भी फैसला किया है। इसके लिए एक विशेष समिति बनाई गई है जो लगातार हालात की निगरानी करेगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत फैसले लेगी।

सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि प्रदेश के किसी भी शहर या गांव में पेट्रोल डीजल या गैस की कमी महसूस न हो और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

तीन मंत्रियों की उच्च स्तरीय समिति बनाई गई

कैबिनेट बैठक के बाद सरकार ने पेट्रोल डीजल और गैस की उपलब्धता की निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति में उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप को शामिल किया गया है।

यह समिति प्रदेश में ईंधन और गैस की सप्लाई पर नजर रखेगी और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों और केंद्र सरकार से समन्वय कर समाधान निकालेगी। सरकार का मानना है कि इस समिति के गठन से व्यवस्था और मजबूत होगी और लोगों तक जरूरी चीजें आसानी से पहुंचती रहेंगी।

रसोई गैस और कमर्शियल गैस को लेकर क्या है स्थिति

कैबिनेट बैठक के बाद खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने जानकारी दी कि फिलहाल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है और इसकी सप्लाई लगातार जारी है। रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति में भी किसी तरह की समस्या सामने नहीं आई है।

उन्होंने बताया कि कमर्शियल गैस के मामले में रिटेलर के पास करीब दो दिन का स्टॉक मौजूद है जबकि तेल कंपनियों के पास सात दिन का स्टॉक उपलब्ध है। यानी फिलहाल प्रदेश में गैस की सप्लाई को लेकर किसी तरह की चिंता की स्थिति नहीं है।

कलेक्टर और कमिश्नर को दिए गए खास निर्देश

राज्य सरकार ने सभी कलेक्टर और कमिश्नर को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में कमर्शियल गैस के उपयोग को लेकर उपभोक्ताओं से संवाद करें। सरकार चाहती है कि गैस का उपयोग विवेकपूर्ण तरीके से हो ताकि सभी लोगों को समय पर गैस उपलब्ध हो सके।

इस पहल का मकसद यह भी है कि बाजार में किसी तरह की अफवाह या अनावश्यक खरीदारी की स्थिति पैदा न हो और सप्लाई सिस्टम पूरी तरह संतुलित बना रहे।

प्रदेश में घबराने की जरूरत नहीं

सरकार की तरफ से साफ किया गया है कि प्रदेश में पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की उपलब्धता सामान्य है और किसी भी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश के बाद अब मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी अपने अपने क्षेत्रों में हालात की समीक्षा कर रहे हैं ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

मध्यप्रदेश सरकार ने पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर सतर्कता दिखाते हुए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश के बाद अब पूरे प्रदेश में स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो और जरूरी सेवाएं बिना रुकावट के जारी रहें।

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