Umang Singhar protest: इंदौर के भगीरथपुरा इलाके में गंदे पानी की सप्लाई का मामला सामने आया है जिसने पूरे शहर और प्रदेश में हलचल मचा दी है। इसी दूषित पानी की वजह से इलाके में 17 लोगों की मौत हो चुकी है। हालात को देखते हुए यह मुद्दा अब राजनीतिक रूप ले चुका है और प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं।
गंदे पानी की सप्लाई से परेशान लोगों में डर और गुस्सा साफ नजर आ रहा है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि लंबे समय से खराब पानी आ रहा था लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का दौरा और पुलिस से टकराव
मामले की गंभीरता को देखते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ भगीरथपुरा पहुंचे। पीड़ितों से मिलने पहुंचे नेताओं को मौके पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
पुलिस द्वारा गाड़ी से उतरने से रोके जाने पर उमंग सिंघार नाराज नजर आए। उन्होंने मौके पर ही पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद पुलिस को पीछे हटना पड़ा और नेताओं को आगे जाने दिया गया।
गंदे पानी की जांच और हल्ला बोल का ऐलान
उमंग सिंघार ने इलाके की बस्तियों में पहुंचकर खुद गंदे पानी की जांच की। उन्होंने इसे वाटर ऑडिट बताया और इंदौर के लोगों से भी अपने अपने क्षेत्रों में सामाजिक और जल ऑडिट करने की अपील की। उन्होंने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए साफ पानी की जिम्मेदारी तय करने की बात कही।
उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और इंदौर नगर निगम की भी आलोचना की और कहा कि शहर की सफाई और पर्यावरण को लेकर संवेदनशीलता की कमी दिखाई दे रही है। इसी दौरान उन्होंने मौजूदा महापौर को पप्पी मेयर भी कहा।
कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर 11 जनवरी को इंदौर में बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। यह न्याय यात्रा बड़ा हनुमान से राजवाड़ा तक पैदल निकाली जाएगी। इसमें इंदौर और आसपास के इलाकों से करीब 50000 लोगों को जुटाने की तैयारी है।

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