Indore News: आज इंदौर में सिंगरौली और अरावली के जंगलों को बचाने के लिए एक विशाल आंदोलन देखने को मिला। प्रदेश और देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अवैध खनन और औद्योगिक परियोजनाओं के नाम पर जंगलों की अंधाधुंध कटाई हो रही है, जिससे आदिवासियों का विस्थापन और पर्यावरण का विनाश हो रहा है।
जंगल बचाओ आंदोलन में भविष्य की चिंता
आंदोलन में शामिल आदिवासी नेताओं ने कहा कि हजारों वर्षों से जंगलों की रक्षा करने वाले समुदायों को नक्सलवाद के नाम पर हटाया जा रहा है। उनका आरोप है कि जंगल कटाई आंदोलन केवल आज की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सांसों से जुड़ी लड़ाई है। यदि जंगल नष्ट हुए, तो जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और तापमान में असंतुलन पूरे देश को प्रभावित करेगा।
अरावली कटाई और दिल्ली का प्रदूषण
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अरावली पहाड़ियों की कटाई से दिल्ली सहित उत्तर भारत में प्रदूषण और भी भयावह हो सकता है। उनका कहना है कि जंगलों का विनाश मानव सभ्यता के अस्तित्व के लिए खतरा है।
आंदोलन आगे भी रहेगा जारी
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि यदि जंगलों की कटाई नहीं रुकी, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप लेगा और पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।
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खेती-किसानी और कृषि तकनीकों पर 5+ वर्षों का अनुभव। किसानों के लिए उपयोगी जानकारियां और नई तकनीकों पर शोधपूर्ण लेख लिखते हैं।





