इंदौर लगातार आगे बढ़ रहा है और अब इसके विकास को नई रफ्तार मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर के विकास कार्यों को लेकर एक अहम बैठक ली जिसमें भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बड़े फैसले लिए गए। यह बैठक सिर्फ योजनाओं की नहीं बल्कि आने वाले पच्चीस वर्षों के सपनों की नींव रखती है। सरकार का मकसद साफ है सुरक्षित शहर बेहतर ट्रैफिक और मजबूत अधोसंरचना।
अधोसंरचना विकास पर केंद्रित रही अहम बैठक
इस बैठक का मुख्य फोकस अधोसंरचना विकास रहा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ कहा कि सरकार महिला सुरक्षा और नशे पर नियंत्रण जैसे जरूरी सामाजिक मुद्दों पर भी लगातार काम कर रही है। इस बार शहर और आसपास के नगरों के लिए लंबे समय की योजना बनाई जा रही है ताकि इंदौर आने वाले वर्षों में भी व्यवस्थित और सुगम बना रहे।
मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा फैसला
बैठक में मेट्रो प्रोजेक्ट पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मेट्रो का रूट अंडरग्राउंड ही रहेगा। बंगाली कॉलोनी से मेट्रो ट्रेन अंडरग्राउंड चलेगी। इस बदलाव पर करीब 800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा जिसे राज्य सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस फैसले से प्रोजेक्ट में किसी तरह की देरी नहीं होगी।
मेट्रोपॉलिटन एरिया का होगा बड़ा विस्तार
अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि मेट्रोपॉलिटन एरिया की सीमा में अब रतलाम शहर भी जुड़ेगा। इसका कुल क्षेत्रफल करीब 14000 वर्ग किलोमीटर होगा। धार महू और उज्जैन की नगर पंचायतें भी इसमें शामिल होंगी। इससे पूरे क्षेत्र का संतुलित विकास संभव होगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
बीआरटीएस हटने के बाद बदलेगा ट्रैफिक सिस्टम
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि बीआरटीएस हटने के बाद दोबारा ट्रैफिक सर्वे कराया जाएगा। शहर के लिए पच्चीस साल के हिसाब से ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाएगा। एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर भी योजना बनाई जा रही है। इसका वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाएगा और जरूरत पड़ी तो इसे आगे भी बढ़ाया जाएगा। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एलिवेटेड कॉरिडोर को बेहद जरूरी बताया गया है।
आसपास के शहरों से मजबूत होगी कनेक्टिविटी
सरकार का फोकस इंदौर को आसपास के शहरों से और मजबूत तरीके से जोड़ने पर है। उज्जैन की एप्रोच को ज्यादा मजबूत किया जाएगा क्योंकि भविष्य में वहां बड़ी संख्या में लोग आने वाले हैं। उज्जैन देवास और पीथमपुर अब इंदौर से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। दूसरे शहरों से इंदौर को जोड़ने वाले मार्गों को भी चौड़ा किया जाएगा ताकि सफर आसान हो सके।
मास्टर प्लान के साथ जोनल प्लान पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इंदौर के मास्टर प्लान के साथ साथ जोनल प्लान भी तैयार किए जाएं। इन्हीं योजनाओं के अनुसार सड़कों और अन्य सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे शहर का विकास संतुलित रहेगा और किसी एक क्षेत्र पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ेगा।
बंगाली कॉलोनी अंडरग्राउंड मेट्रो पर लगी मुहर
पिछले दिनों मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मेट्रो को बंगाली कॉलोनी से अंडरग्राउंड करने पर जोर दिया था। बैठक में जनप्रतिनिधियों की सहमति बनने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगा दी। साथ ही अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए कि इस बदलाव के कारण प्रोजेक्ट की समय सीमा में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए।

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